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Security Categories: क्या होती है SPG, X, Y और Z कैटेगरी सिक्योरिटी? किसमें कितनी तगड़ी होती है सुरक्षा व्यवस्था

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पद छोड़ने के बाद Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा दी जाएगी. उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी 55 कर्मियों की टीम के पास होगी. देश में वीवीआईपी लोगों को 6 कैटेगरी की सिक्योरिटी दी जाती है. इसमें SPG, Z प्लस, Z, Y प्लस, Y और एक्स कैटेगरी की सिक्योरिटी शामिल है.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:38 PM IST

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पद छोड़ने के बाद Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा मिलेगी. इसको लेकर बिहार सरकार के गृह विभाग ने नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. सुरक्षा जोखिम को देखते हुए देश में वीवीआईपी को सिक्योरिटी दी जाती है. VVIP लोगों को SGP, X,Y, Y प्लस, Z कैटेगरी की सुरक्षा मुहैया कराई जाती है. वीवीआईपी सुरक्षा के तहत राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, हाई कोर्ट के जस्टिस, भारती सशस्त्र बलों के सेवा प्रमुख, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री और दूसरे वीआईपी लोगों को सुरक्षा मुहैया कराई जाती है. चलिए आपको बताते हैं कि किस कैटेगरी की सुरक्षा कैसी होती है और कितनी मजबूत होती है.

कितनी तरह की होती है सिक्योरिटी?
देश में वीवीआईपी लोगों को सुरक्षा मुहैया कराई जाती है. सिक्योरिटी को 6 कैटेगरी में बांटा गया है. इसमें एसपीजी, जेड प्लस, वाई प्लस, वाई और एक्स कैटेगरी की सुरक्षा मिलती है. सभी तरह के कैटेगरी में अलग-अलग सुरक्षा की व्यवस्था होती है. सबसे मजबूत सुरक्षा व्यवस्था एसपीजी की होती है.

SPG-
एसपीजी सिर्फ भारत के प्रधानमंत्री को सुरक्षा मुहैया कराती है. इसे स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप कहा जाता है. डीजी रैंक के अधिकारी इसकी अगुवाई करते हैं. एसपीजी का मुख्यालय दिल्ली में है. इंदिरा गांधी की हत्या के बाद इसकी नींव रखी गई थी.  इसके लिए 1988 में एसपीजी एक्ट पेश किया गया था. शुरुआत में प्रधानमंत्री और उनके परिवार को एसपीजी सुरक्षा मिलती थी. पद छोड़ने के 5 साल बाद तक भी सुरक्षा मिलती थी. लेकिन अब एसपीजी की जिम्मेदारी सिर्फ प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था होती है.

जेड प्लस सिक्टोरिटी-
एसपीजी के बाद जेड प्लस सिक्योरिटी देश की सबसे टॉप क्लास की सिक्योरिटी कैटेगरी है. इस कैगेटरी में सुरक्षा के लिए 55 जवान तैनात होते हैं. जिसमें 10 प्लस एनएसजी कमांडो और पुलिस वाले होते हैं. जिसको भी ये सुरक्षा मुहैया कराई जाती है, उनपर कमांडो 24 घंटे पैनी नजर रखते हैं. सभी जवान आधुनिक हथियारों से लैस होते हैं. जेड प्लस सुरक्षा में एक बुलेटप्रूफ गाड़ी और 3 शिफ्ट में एस्कॉर्ट शामिल होते हैं. जेड प्लस सिक्योरिटी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को मिली हुई है.

जेड सिक्योरिटी-
जेड कैटेगरी की सुरक्षा व्यवस्था में 22 जवान तैनात होते हैं. जिसमें 4-6 एनएसजी कमांडो होते हैं. जेड प्ल्स सिक्योरिटी में दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवान शामिल होते हैं. ये सुरक्षा जोखिम वाले एक्टर्स और वीआईपी लोगों को दी जाती है.

वाई प्लस सिक्योरिटी-
वाई प्लस सिक्योरिटी के तहत 11 पुलिसवाले पर सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी होती है. इसमें 2 से 4 कमांडो और पुलिसवाले शामिल होते हैं. इसमें 2 निजी सुरक्षा अधिकारी शामिल होते हैं. देश में कई लोगों को वाई प्लस सिक्टोरिटी दी गई है.

वाई सिक्योरिटी-
वाई सिक्योरिटी के तहत सुरक्षा की जिम्मेदारी 8 पुलिसवालों की टीम के पास होती है. इसमें 1 या 2 कमांडो और पुलिसवाले होते हैं. इसमें 2 PSO भी शामिल हैं. इन सभी की ड्यूटी दो शिफ्ट में होती है. इसमें सरकारी गाड़ी का भी इस्तेमाल होता है. देश में वाई सिक्योरिटी बहुत लोगों को दी गई है.

एक्स कैटेगरी सिक्योरिटी-
एक्स कैटेगरी की सिक्योरिटी में 2 कर्मचारी होते हैं. इसमें कोई कमांडो शामिल नहीं होता है. इसमें सिर्फ सशस्त्र पुलिस कर्मियों को शामिल किया जाता है. एक एक नार्मल सिक्योरिटी कैटेगरी है. इस कैटेगरी की सिक्योरिटी देश में बहुत लोगों को दी गई है.

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