किसी ने बिना अनुमति कर लिया फोन कैमरा से कैप्चर, तो फौरन उठाएं ये कदम.. जानें कितने साल की होगी सज़ा

किसी के द्वारा आपकी फोटो या वीडियो रिकॉर्ड, वो भी बिना अनुमति के एक तरह से आप की निजता का हनन है. और इस मामले में आप अनेक जगह शिकायत कर सकते हैं.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 11 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:50 PM IST

आज मोबाइल कैमरा हर किसी के पास है. फोटो लेना और वीडियो बनाना जितना आसान हो गया है, उतना ही आसान उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करना भी हो गया है. लेकिन यह जानना बेहद ज़रूरी है कि बिना अनुमति किसी का फोटो या वीडियो बनाना सिर्फ गलत व्यवहार नहीं, बल्कि कानूनन अपराध भी है.

हर व्यक्ति को निजता का अधिकार मिला है. चाहे आप सड़क पर हों, ऑफिस में, कॉलेज में या अपने घर पर, आपकी सहमति के बिना आपकी रिकॉर्डिंग करना गैरकानूनी है.

बिना इजाजत वीडियो बनाना गंभीर अपराध
किसी की मर्जी के बिना उसका वीडियो बनाना, उसे शेयर करना या वायरल करने की धमकी देना सीधे तौर पर निजता के अधिकार का उल्लंघन है. ऐसे मामलों में चुप रहना सबसे बड़ी भूल साबित हो सकता है. कानून आपको सुरक्षा देता है और शिकायत के कई विकल्प मौजूद हैं, बस जरूरत है सही समय पर सही कदम उठाने की.

क्या है पहला कदम?
अगर कोई व्यक्ति बिना आपकी अनुमति के आपका वीडियो बनाता है, तो घबराएं नहीं. ऐसी हालत में सबसे पहले अपने क्षेत्र की साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं. अगर साइबर सेल जाना संभव न हो, तो नजदीकी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराएं. अगर पुलिस शिकायत लेने में टालमटोल करे, तो पुलिस कमिश्नर या एसपी को लिखित शिकायत दें. महिलाएं चाहें तो महिला आयोग में भी शिकायत कर सकती हैं.

अगर पीड़ित बच्चा है, तो मामला और भी गंभीर हो जाता है. ऐसी स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन से संपर्क करें. साथ ही आप बाल आयोग में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं. ऐसे मामलों में कानून बेहद सख्त है और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है.

वीडियो सार्वजनिक किए जाने पर उपाय?
अगर आपकी फोटो या वीडियो किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाल दी गई है. तो आप तुरंत उस प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करें. आईटी नियम 2021 के अनुसार हर प्लेटफॉर्म पर शिकायत अधिकारी होना जरूरी है. इसलिए आपकी सुनवाई जरूर होगी. साथ ही शिकायत 24 घंटे में स्वीकार और 15 दिन में निपटाई जानी चाहिए. इसलिए अगर प्लेटफॉर्म लापरवाही करे, तो उसकी भी पुलिस में शिकायत की जा सकती है.

क्या कहता है कानून?
पहले ऐसे मामलों में आईपीसी की धारा 354(C) लागू होती थी, लेकिन अब यह अपराध बीएनएस की धारा 77 के तहत आता है. पहली बार अपराध साबित होने पर 1 से 3 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है. दोबारा अपराध करने पर 3 से 7 साल तक की सजा हो सकती है. इसके अलावा आईटी एक्ट की धारा 66(E) भी लागू होती है, जिसमें बिना सहमति फोटो या वीडियो कैप्चर करने या शेयर करने पर 3 साल तक की जेल और जुर्माना है. अगर पीड़ित बच्चा है, तो पॉक्सो एक्ट के तहत और भी कड़ी सजा का प्रावधान है.

 

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