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IMD Forecast: भारत में लंबी चलेगी हीट वेव...अप्रैल से जून के बीच तापमान तोड़ेगा सभी रिकॉर्ड

देशभर के कई राज्यों में गर्मी का सितम जारी है. अप्रैल से जून के बीच तीन महीने तापमान ज्यादा रहेगा.मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, देश के छह राज्यों खासकर मध्य प्रदेश,महाराष्ट्र, गुजरात,कर्नाटक,ओडिशा और आंध्र प्रदेश में गर्मी का ज्यादा असर रहेगा.

Heat wave warning
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 01 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 9:21 PM IST

मौसम विभाग ने सोमवार को कहा कि भारत में अप्रैल से जून के बीच बहुत अधिक गर्मी पड़ने का अनुमान है.इसका सबसे ज्यादा असर मध्य और पश्चिमी प्रायद्वीपीय हिस्सों में देखने को मिलेगा.भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा,"अप्रैल-जून की अवधि के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है जिसमें की मध्य और पश्चिमी प्रायद्वीपीय सबसे ज्यादा प्रभावित रहेंगे."

लेटेस्ट अपडेट के अनुसार आईएमडी अपडेट के अनुसार,पश्चिमी हिमालय क्षेत्र,पूर्वोत्तर राज्यों और उत्तरी ओडिशा के कुछ हिस्सों में सामान्य से सामान्य से कम अधिकतम तापमान होने की संभावना है.हालांकि, इसी अवधि के दौरान उत्तरी और मध्य मैदानी इलाकों के अधिकांश हिस्सों को सामान्य से अधिक तापमान और लू का सामना करना पड़ सकता है. IMD के अपडेट में कहा गया है कि देश के विभिन्न हिस्सों में कम से कम 10 से 20 दिनों तक लू चलने की संभावना है,जबकि सामान्य तौर पर चार से आठ दिन होते हैं.

सामान्य से ज्यादा दिनों तक चलेगी लू
मौसम कार्यालय ने चेतावनी दी है कि इसके अलावा अप्रैल में मध्य भारत और उत्तरी मैदानी इलाकों और दक्षिण भारत के आसपास के इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है.अप्रैल के महीने में गुजरात,मध्य महाराष्ट्र,उत्तरी कर्नाटक,राजस्थान,मध्य प्रदेश,ओडिशा,उत्तरी छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में गर्मी का प्रकोप सबसे अधिक रहने की संभावना है.आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने आगे कहा कि इन क्षेत्रों में सामान्यतः 4 से 8 दिनों की तुलना में 10 से 20 दिनों तक लू चलने का अनुमान है.

औसत रहेगी बारिश
वहीं बारिश को लेकर मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि पूरे देश में अप्रैल 2024 के दौरान औसत बारिश सामान्य (एलपीए का 88-112 फीसदी) होने की संभावना है. उत्तर पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों और मध्य भारत के कई हिस्सों,उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत,पूर्व और उत्तर पूर्व भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है. वहीं दूसरी तरफ पूर्वी और पश्चिमी तटों, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों और पश्चिम मध्य भारत में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका जताई गई है.
 

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