उत्तर-पूर्व भारत और उससे सटे पूर्वी हिस्सों में इस सप्ताह मौसम एकदम से करवट लेता दिखाई दे रहा है. कई इलाकों में हल्की-फुल्की या भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, बादलों के साथ तेज हवाएं चलने की पूरी संभावना है. साथ ही लोगों को सतर्क रहने के लिए बोला गया है.
30 मार्च से पहले ही मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो चुका था, और यह सिलसिला 1 अप्रैल, 2026 तक जारी रह सकता है. इस दौरान कई जगहों पर छिटपुट या भारी बारिश भी होने की पूरी संभावना है, खासकर आसाम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर और अरुणाचल जैसे पहाड़ वाले क्षेत्रों में. इसके साथ ही दिल्ली, यूपी, हरियाणा, बिहार और पंजाब के कुछ हिस्सों में भी बहुत तेज बारिश हो सकती है.
तेज हवाओं का असर
उत्तर-पूर्वी राज्यों में तेज चलने वाली हवाएं लोगों को थोड़ी परेशानी दे सकती हैं. कई जगह शाम के समय गरज के साथ तेज बारिश के झोंके देखने को मिलेंगे, जिससे पेड़ों की टहनियां टूटने, बिजली लाइन प्रभावित होने या सड़क पर विजिबिलिटी घटने जैसी स्थितियां बन सकती हैं.
ऐसे में लोगों को यह सलाह दी जा रही है कि तेज हवा और बिजली कड़कने के समय खुले मैदानों और ऊंची जगहों से दूर रहें.
उत्तर-पश्चिम भारत में भी बारिश का असर जारी
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर चल सकता है. वहीं कई इलाकों में 30 मार्च को बारिश का असर देखने को मिल सकता है.
कश्मीर घाटी में बारिश के साथ हिमपात की आशंका
जम्मू-कश्मीर में 30 मार्च, 2026 को मौसम फिर से करवट ले सकता है. ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश के साथ बर्फ गिरने की भी संभावना जताई गई है. कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में बादल सुबह से ही छाए रहेंगे, और जैसे-जैसे दिन बढ़ेगा, तापमान में गिरावट के साथ मौसम और ज्यादा ठंडा हो सकता है.
किसानों और यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
किसानों को सलाह है कि आने वाले 2 से 3 दिनों तक कटाई, सिंचाई और उर्वरक डालने जैसे काम मौसम देखते हुए ही करें. बिजली कड़कने के दौरान खेत या खुले इलाकों में न रुकें.
यात्रियों को पहाड़ी रास्तों में यात्रा प्लान करने से पहले मौसम की स्थिति को जांच लेना चाहिए. शहरों में रहने वाले लोगों को तेज हवा और बारिश के समय पेड़ों या पुराने ढांचों के पास खड़े होने से बचने की चेतावनी मौसम विभाग ने दी है.
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