जहां कुछ इलाकों में मानसून सुस्त हो चुका था, वहीं अब देश के कई हिस्सों में इस सप्ताह मानसून पहले के मुकाबले ज्यादा सक्रिय देखने को मिल सकता है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार 20 से 26 जुलाई के बीच पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. वहीं कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश भी देखने को मिल सकती है. जो लोग पहाड़ी इलाकों में रहते हैं वह खुले मैदान में बाहर न निकलें. भूस्खलन और बिजली गिरने का खतरा भी है. खास कर झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार के कुछ जिलों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
इन राज्यों में होगी सबसे ज्यादा बारिश
बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में इस सप्ताह अच्छी बारिश के आसार हैं. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान के कुछ हिस्सों में 21 से 25 तक तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. कई जगहों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है.
दिल्ली-एनसीआर को भी मिल सकती है राहत
दिल्ली-एनसीआर में पिछले दिनों उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान किया. हालांकि इस सप्ताह बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और बीच-बीच में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं. इससे तापमान में कुछ गिरावट दर्ज हो सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है. फिलहाल लगातार कई दिनों तक मूसलाधार बारिश के संकेत नहीं हैं, लेकिन रुक-रुककर बारिश हो सकती है.
पहाड़ी इलाकों में बढ़ेगी मुश्किल
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना रह सकता है. अमरनाथ यात्रा पर भी मौसम का असर पड़ सकता है. मौसम विभाग ने इन इलाकों में यात्रा करने वालों को मौसम अपडेट देखकर ही सफर करने की सलाह दी है.
पश्चिम और मध्य भारत का हाल
महाराष्ट्र के कई हिस्सों, खासकर मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में इस सप्ताह अच्छी बारिश जारी रहने की संभावना है. वहीं मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं.
दक्षिण भारत में भी रहेगा बारिश का दौर
केरल, कर्नाटक और तटीय इलाकों में इस सप्ताह कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. कुछ जगहों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं. मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले स्थानीय मौसम चेतावनी जरूर देखने की सलाह दी गई है.
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