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SP-DM के सामने बच्चे ने रखी बेबाक होकर परेशानियां, कहा.. समाधान बस करवा दीजिए

लखीमपुर खीरी में आयोजित समाधान दिवस में एक बच्चा अपने घर की परेशानी लेकर पहुंचा. बच्चे ने जब अपनी परेशानी बतानी शुरू की तो वह खत्म होने का नाम ही नहीं ली, जिसके बाद अधिकारी भी हैरत में पड़ गए.

डीएम के पास बच्चा पहुंचा शिकायत लेकर
अभिषेक वर्मा
  • लखीमपुर खीरी,
  • 19 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:28 PM IST

कई बार छोटे बच्चे ऐसी बातें कह जाते हैं, जो बड़े-बड़ों को सोचने पर मजबूर कर देती हैं. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में भी कुछ ऐसा ही हुआ. संपूर्ण समाधान दिवस में अपनी शिकायत लेकर पहुंचे 13 साल के एक छात्र ने डीएम और पुलिस अधिकारियों के सामने जिस कॉन्फिडेंस से अपनी बात रखी, उसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बच्चे की बेबाक बातें सुनकर वहां मौजूद अधिकारी भी कुछ पल के लिए चुप हो गए.

वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा लड़का अमिताभ गुप्ता है, जो आठवीं कक्षा में पढ़ता है. वह हाथ में प्रार्थना पत्र लेकर संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचा था. वहां डीएम अंजनी कुमार सिंह, पुलिस अधिकारी और दूसरे विभागों के अधिकारी लोगों की शिकायतें सुन रहे थे. जब अमिताभ की बारी आई तो डीएम ने पूछा कि क्या वह अकेले आया है. बच्चे ने हां में जवाब दिया और फिर अपनी परेशानी बतानी शुरू की.

घर की परेशानी ने पहुंचाई अफसरों तक

अमिताभ ने बताया कि उसके पिता मानसिक रूप से बीमार हैं. उसकी मां घरों में काम करके परिवार का खर्च चलाती हैं. जिस मकान में उनका परिवार रहता है, उसके एक हिस्से पर रिश्तेदारी में ताई ने ताला लगा रखा है. इसी ताले को खुलवाने के लिए परिवार कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुका है. बच्चे ने यह भी बताया कि पहले भी शिकायत की गई थी और आदेश भी मिला था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ.

जब एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि काम करवा देंगे, तो अमिताभ ने तुरंत जवाब दिया, 'करवा देंगे नहीं... करवा दीजिए. बस आप लोग कहते हैं, ताला कभी खुलता ही नहीं.' बच्चे की यह बात सुनकर वहां मौजूद कई लोग मुस्कुरा दिए, लेकिन उसकी आवाज में अपनी परेशानी साफ दिखाई दे रही थी.

पढ़ाई से पहले घर की चिंता

डीएम ने बच्चे को समझाया कि अभी उसकी उम्र पढ़ाई करने की है. इस पर अमिताभ ने ऐसा जवाब दिया जिसने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया. उसने कहा, 'आप अपनी सैलरी से हमें पढ़ाएंगे नहीं. उसके लिए पैसे चाहिए. हमारी मम्मी रोज 50 रुपए की सब्जी लाती हैं. आज 50 रुपए में क्या होता है?' बच्चे ने बताया कि उसकी मां की करीब तीन हजार रुपए महीने की कमाई से ही पूरे परिवार का खर्च और पढ़ाई चलती है.

बातचीत के दौरान अमिताभ ने पुलिस अधिकारियों पर कमीशन लेकर काम करने जैसी टिप्पणी भी कर दी. इस पर डीएम ने उसे समझाया कि ऐसी बातें सोच-समझकर बोलनी चाहिए, क्योंकि इससे सामने वाले को बुरा लग सकता है. साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन उसकी परेशानी पर ध्यान देगा.

 

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