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Meerut: स्कूली बच्चों के बीच पहुंचे डीएम, पूछा क्या है खाने में पसंद... मिले अधिकारियों को आदेश, समय निकाले बच्चों के लिए

हस्तिनापुर स्थित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में डीएम वीके सिंह औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे. जहां उन्होंने बच्चों के बात की और जाना कि उन्हें क्या खाना पसंद है और क्या सुविधाएं मिलती है. साथ ही अन्य अधिकारियों को आदेश दिया कि यहां आकर एक बार महीने में बच्चों को पढ़ाने जरूर आएं.

औचक निरीक्षण करने पहुंचे डीएम वीके सिंह
उस्मान चौधरी
  • मेरठ,
  • 24 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 3:52 PM IST

रविवार को हस्तिनापुर स्थित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में जिलाधिकारी वीके सिंह बच्चों के बीच नजर आए. औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे डीएम ने बच्चों के बीच बैठकर पढ़ाई के बारे में जानकारी ली. उन्होंने बच्चों से पहाड़े सुने और सामान्य ज्ञान के सवाल पूछे. इसके साथ ही बच्चों की पसंद-नापसंद और विद्यालय में उन्हें मिल रही सुविधाओं के बारे में भी बातचीत की.

डीएम ने बच्चों से पूछा कि विद्यालय में खाने में क्या-क्या मिलता है, उन्हें कौन सा भोजन सबसे अधिक पसंद है. बच्चों ने भी बेझिझक अपनी बातें अधिकारियों के सामने रखीं. इसके बाद डीएम और अन्य अधिकारियों ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया. अधिकारियों को अपने बीच देखकर बच्चे भी काफी सहज और खुश नजर आए.

सड़क निर्माण और निरीक्षण के दिए निर्देश

निरीक्षण के दौरान डीएम ने विद्यालय की व्यवस्थाओं और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय तक जाने वाली सड़क का निर्माण बरसात समाप्त होने के बाद कराया जाए. वहीं भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को हर महीने विद्यालय का निरीक्षण करने के निर्देश दिए.

जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया गया कि विद्यालय में आवश्यक सुविधाओं और वस्तुओं की सूची तैयार कर उनका प्रस्ताव शासन को भेजा जाए, ताकि बच्चों को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें.

अधिकारियों को मिला बच्चों को पढ़ाने का आदेश

डीएम ने अधिकारियों से कहा कि वे अपनी रुचि के विषय के अनुसार महीने में कम से कम एक बार विद्यालयों में जाकर बच्चों को पढ़ाएं. उन्होंने कहा कि बच्चों का विकास केवल पाठ्यक्रम पूरा करने से नहीं होता, बल्कि उनके मानसिक और शारीरिक विकास के लिए संवाद, प्रोत्साहन और अपनापन भी जरूरी है.

डीएम ने कहा कि अधिकारियों का बच्चों के साथ समय बिताना उन्हें बेहतर ढंग से समझने का अवसर देगा और बच्चों में आत्मविश्वास भी बढ़ेगा. निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं की कमियों के साथ-साथ इस बात पर भी ध्यान दिया कि विद्यालय में रह रहे बच्चों को किन सुविधाओं और सहयोग की जरूरत है.

 

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