India Today Conclave 2026: फिटनेस के लिए केवल शरीर की धुन सुनना ही काफी, जीवन में अनुसाशन भी है काफी जरूरी.. नई पीढ़ी के लिए पहले खुद हों स्वस्थ

सुनील शेट्टी ने लोगों से अपनी फिटनेस के राज़ साझा किए, तो मीरा कपूर ने बताया कि कैसे आयुर्वेद आपकी ज़िदगी में है जरूरी. डॉ डैंग ने भी रखा मत बोले कसरत भी है जरूरी.

India Today Conclave 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 13 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:59 PM IST

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 में, Wellness Surge: The New Mind-Body-Nature Equation, सेशन में अभिनेता और फिटनेस जगत में जाना माना नाम, सुनील शेट्टी, धुन वेलनेस की फाउंडर, मीरा कपूर और डॉ डैंग्स लैब के फाउंडर और डायरेक्टर डॉ डैंग ने भाग लिया. यहां मंच पर उन्होंने फिटनेस को लेकर काफी बात की और बताया कि कैसे कोई फिटनेस को आसानी से पा सकता है.

फिटनेस को लेकर क्या बोले सुनील शेट्टी
सुनील शेट्टी ने अपनी आज की और पहले की फिटनेस के बारे में बताते हुए कहा, कि पहले के टाइम उनके पास इतना ज्ञान नहीं था, जितना आज है. फिटनेस और लाइफस्टाइल को लेकर आज वह काफी जानकारी रखते हैं. वो कहते हैं कि 90 के दशक में फिटनेस का मतलब केवल बॉडी का बड़ा साइज़ हुआ करता था. अपनी बॉडी को लेकर वह कहते हैं कि पहले भी वह किसी तरह का सप्लीमेंट नहीं लिया करते थे. साथ ही वह काफी अनुशासित भी थे. जो वह आज भी हैं. वह कहते हैं कि फिट होना उनके लिए फिल्मों के लिए था, लेकिन अब फिट होना उनके परिवार के लिए है. 

जहां अब लोगों के पास अपनी फिटनेस को ट्रैक करने के लिए गैजेट्स होते हैं, उन्हीं पर बात करते हुए वह कहते हैं कि पहले ऐसे गैजेट्स नहीं हुआ करते थे. तो वह अपनी फिटनेस को मापने के लिए एक जींस का इस्तेमाल किया करते थे. यदि वह उसमें फिट आते, तो वह मानते कि वो फिट है. और वह इस तरीके को आज भी इस्तेमाल किया करते हैं. वह फिटनेस को मापने के लिए कोई गैजेट का इस्तेमाल नहीं करते हैं.

लैब टेस्ट से ज्यादा शरीर की सुने
मीरा बताती हैं कि आज के समय में लोग चाहते हैं कि वह जो कुछ भी कर रहे हैं, उसका रिजल्ट उन्हें कोई गैजेट माप कर बताएं. वह कहती हैं कि मापने से बेहतर हैं कि हम अपने शरीर की सुनी, हम इस बात को समझे कि हमारा शरीर हमसे कह क्या रहा है. आयुर्वेद में कोई गैजेट नहीं होता है, इसमें केवल शरीर की बात सुनी जाती है. वह कहती है लैब रिजल्ट में गलती की संभावना है, लेकिन शरीर की आवाज़ कभी गलत नहीं कहती. आयुर्वेद आपको खुद को समझने में मदद करता है. यदि आप किसी चीज़ से गुज़र रहे हैं, तो आयुर्वेद उसके पीछे के कारण को समझने में मदद करता है. 

वह कहती है मैं यह नहीं कह रही कि पूरी तरह से आयुर्वेद पर निर्भर हो. लेकिन पैथोलॉजी के रिजल्ट और आयुर्वेद दोनों मिलकर उस परेशानी को दूर करने में मदद कर सकते हैं, जिससे आपका शरीर गुज़र रहा है. जैसे आपको कोई बीमारी जेनेटिक है, तो इस बात को पैथोलॉजी से पता लगाया जा सकता है. उसके बाद उसका इलाज आयुर्वेद से किया जा सकता है.

बेहतर लाइफस्टाइल है फिटनेस की कुंजी
डॉ डैंग कसरत देने के ऊपर काफी जोर देते हैं. वह कहते हैं कि वह खुद बचपन से कसरत करते आए हैं. लेकिन आज वह ऐसे मरीज़ों से डील करते हैं, जो कहते हैं कि उनके पास कसरत करने का टाइम नहीं था. डॉ डैंग का कहना है कसरत करके ही केवल आप कई चीज़ों को दूर कर सकते हैं, जैसे जोड़ों की मजबूती या ध्यान जिसमें आप खुद को समय देते हैं. डॉ डैंग कहते हैं कि आप को एक हेल्दी लाइफस्टाइल जीना चाहिए. साथ ही वह कहते हैं कि आपको केवल शरीर की नहीं सुननी चाहिए, बल्कि आपको कुछ टेस्ट भी कराने चाहिए. जिससे आपको किसी भी बीमारी के बारे में पहले ही पता चल जाए और आप उसका इलाज कराने की जगह लाइफस्टाइल बदल बेहतर हो सकें. साथ ही वह कहते हैं कि लोगों को टेस्ट करवा लेना चाहिए, ताकि आगे आने वाली पीढ़ी तंदरुस्त पैदा हो.

 

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