Advertisement

Prachand Helicopter: 156 और प्रचंड हेलीकॉप्टर खरीदेगी भारतीय वायुसेना, चीन-पाकिस्तान सीमा पर होगी तैनाती, जानें इसकी खूबियां 

प्रचंड हेलीकॉप्टर को रेगिस्तानी इलाकों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों दोनों में संचालित करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की जरूरतों के अनुसार बनाया गया है. यह दुनिया का एकमात्र लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जो 5000 मीटर की ऊंचाई पर उतर और उड़ान भर सकता है.

प्रचंड हेलीकॉप्टर (फोटो सोशल मीडिया)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 30 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 10:58 AM IST
  • प्रचंड 16400 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम 
  • भारतीय वायुसेना की बढ़ेगी और ताकत

मोदी सरकार की मेक इन इंडिया पहल को आगे बढ़ाते हुए भारतीय वायु सेना हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से 156 और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर खरीदने जा रही है. इन्हें भारतीय वायुसेना और भारतीय थल सेना चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर तैनात करेगी. इससे भारत की ताकत और बढ़ जाएगी. आइए प्रचंड हेलीकॉप्टर की खूबियों के बारे में जानते हैं.   

प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिलने की संभावना
दुनिया की सबसे खराब मौसम स्थितियों और इलाकों में प्रचंड हेलीकॉप्टरों का परीक्षण किया गया था. वहीं परीक्षण के बाद भारतीय वायुसेना और भारतीय सेना ने पिछले 15 महीनों में इनमें से 15 हेलीकॉप्टरों को पहले ही अपने बेड़े में शामिल कर चुकी है. वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने बताया कि 156 और प्रचंड हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए सरकार के पास एक प्रस्ताव रखा है, जिसे जल्द ही मंजूरी मिलने की संभावना है.  इसे रक्षा क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया के लिए सबसे बड़े प्रयासों में से एक कहा जा सकता है.

स्वदेशीकरण को बढ़ावा 
हाल ही में भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए लगभग 100 और हल्के लड़ाकू विमान मार्क 1ए खरीदने की घोषणा की थी. दोनों परियोजनाओं की कुल कीमत 1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक है. 156 हेलीकॉप्टरों में से 66 भारतीय वायु सेना में शामिल किए जाएंगे जबकि बाकी 90 भारतीय सेना द्वारा अधिग्रहित किए जाएंगे.

क्या है प्रचंड हेलीकॉप्टर की खासियत
1. प्रचंड हेलीकॉप्टर को रेगिस्तानी इलाकों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों दोनों में संचालित करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की जरूरतों के अनुसार बनाया गया है.
2. प्रचंड दुनिया का एकमात्र लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जो 5000 मीटर (16400 फीट) की ऊंचाई पर उतर और उड़ान भर सकता है. प्रचंड की यही खूबी सियाचिन ग्लेशियर और पूर्वी लद्दाख के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में संचालित करने के लिए आदर्श बनाती है.
3. प्रचंड हेलीकॉप्टर हवा से जमीन और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें दागने में भी सक्षम है. यह दुश्मन के हवाई रक्षा अभियानों को नष्ट कर सकता है.
4. यह नई ध्रुवास्त्र हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों से भी लैस होने जा रहा है, जो ऊंचाई के साथ-साथ अन्य इलाकों में दुश्मन के ठिकानों को नष्ट कर सकती है.
5. पर्वतीय युद्ध के लिए प्रचंड हेलीकॉप्टर की आवश्यकता पहली बार पाकिस्तान के साथ 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान महसूस की गई थी. चीन के साथ तनाव के बीच 2020 में पूर्वी लद्दाख में दो प्रचंड का भी उड़ान मूल्यांकन किया गया था.
6. प्रचंड पूरी तरह से भारतीय डिजाइन और निर्मित है, जोकि भारतीय वायु सेना की आवश्यकता को देखते हुए बनाया गया है.
7.  प्रचंड अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दुश्मन के टैंक, बंकर, ड्रोन और अन्य सैन्य उपकरणों को नष्ट करने में सक्षम है.
8. हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड में दो लोगों के बैठने की व्यवस्था है. इसका वजन करीब 5800 किग्रा है. इसकी रेंज करीब साढ़े पांच सौ किलोमीटर है. 
9. लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर प्रचंड की ताकत पर गौर करें तो इसमें कई मिसाइल दागने और हथियारों के इस्तेमाल की क्षमता है. ये हेलीकॉप्टर 51.10 फीट लंबा, 15.5 फीट ऊंचा होता है. 70MM का मिसाइल ले जाने की क्षमता है.

(गुड न्यूज टुडे चैनल को WhatsApp पर फॉलो करें.)
 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement