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महिलाओं की सुरक्षा के लिए रेलवे ने उठाया ये कदम, महिला यात्रियों के खिलाफ अपराध पर अब लगेगी लगाम!

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 17 अक्टूबर, 2020 को एक अखिल भारतीय पहल 'मेरी सहेली' भी शुरू की है, जिसका मकसद ट्रेनों से यात्रा करने वाली महिला यात्रियों को बोर्डिंग से लेकर डी-बोर्डिंग तक की पूरी यात्रा तक सुरक्षा देना है. इस पहल का फोकस महिला यात्रियों, खासकर अकेले यात्रा करने वालों को सुरक्षा प्रदान करना है. इसके लिए महिला अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमों को ट्रेनिंग भी दी जा रही है.

ट्रेन में अब महफूज़ होंगी महिलाएं
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 21 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 2:57 PM IST
  • महिलाओं की सुरक्षा के लिए भारतीय रेलवे ने कसी कमर
  • अब इन ट्रेनों में पहले से आरक्षित रहेगी सीट
  • सुरक्षा का रखा जाएगा खास ध्यान

महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए रेलवे ने एक नई  तरकीब निकाली है. ये तरकीब खासतौर से ट्रेन से लंबी दूरी तय करने वाली महिला यात्रियों के लिए है. रेलवे मंत्रालय के मुताबिक अब मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के स्लीपर क्लास में छह बर्थ महिलाओं के लिए आरक्षित होगी, इसके साथ ही गरीब रथ/राजधानी/दुरंतो के सभी AC बॉगी के  थर्ड-टीयर एसी (3एसी) डिब्बों में 6 बर्थ महिलाओं के लिए आरक्षित होगा. ये सुविधा सीनियर सिटिजन, 45  साल के कम  उम्र की महिलाओं के साथ गर्भवती महिलाओं के लिए हैं. एक्सप्रेस ट्रेन में दी गई सुविधा सभी उम्र की महिलाओं के लिए है, इसकी एक और खासियत ये है कि अकेले या ग्रुप में सफर कर रही महिलाएं इस शुरूआत का फायदा उठा सकेंगी. 

महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस का पूरा साथ देगा रेलवे

महिला यात्रियों की सुरक्षा के बारे में बात करते हुए रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि  रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) यात्रियों की बेहतर सुरक्षा के लिए जीआरपी/जिला पुलिस कि कोशिशों का साथ देगा. इसके लिए रेलवे  ट्रेनों और स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीआरपी के साथ मिल कर कई दूसरे कदम बी उठा रही है. 

महिलाओं की मदद के लिए है 'मेरी सहेली'

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 17 अक्टूबर, 2020 को एक अखिल भारतीय पहल 'मेरी सहेली' भी शुरू की है, जिसका मकसद  ट्रेनों से यात्रा करने वाली महिला यात्रियों को बोर्डिंग से लेकर डी-बोर्डिंग तक की पूरी यात्रा तक सुरक्षा देना है.  इस पहल का फोकस महिला यात्रियों, खासकर अकेले यात्रा करने वालों को सुरक्षा प्रदान करना है. इसके लिए महिला अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमों को ट्रेनिंग भी दी जा रही है. 

मुसीबत में फंसे यात्रियों के लिए रेलवे हेल्प लाइन नंबर 139

अश्विनी वैष्णवमंत्री ने आगे कहा कि  अलग-अलग राज्यों के आरपीएफ और जीआरपीएफ (सरकारी रेलवे पुलिस बल)  प्रतिदिन संवेदनशील रेलवे मार्गों की जांच पड़ताल कर  रही है. मुसीबत में फंसे यात्रियों की मदद  के लिए रेलवे हेल्प लाइन नंबर 139  पूरे नेटवर्क पर चौबीसों घंटे चालू है. उन्होंने कहा कि अगर तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे ट्विटर, फेसबुक वगैरह के जरिए  से यात्रियों की परेशानियों को उठाया जाए तो मंत्रालय उनका समाधान जरूर करेगा.

 

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