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गर्मी से बचाने के लिए Varanasi Ropeway Cabin को खास European Design से किया जाएगा तैयार, दिव्यांगों के लिए भी होंगी खास सुविधाएं, जानिए

महादेव की नगरी काशी में स्मार्ट सिटी के सौग़ात के तौर पर शामिल होने वाला रोपवे ख़ास डिज़ाइन का होगा. इसका केबिन यूरोपियन डिज़ाइन का होगा, जिसमें गर्मी के मौसम में गर्मी कम लगेगी. साथ ही दिव्यांगजनों के लिए भी इसमें सफर करना आसान होगा, क्योंकि वो अपने व्हीलचेयर के साथ ही इसमें बैठ सकेंगे. रोपवे के डिजाइन और बारीकियों के बारे में ये जानकारियां सामने आई हैं.

वाराणसी रोपवे केबिन
शिल्पी सेन
  • लखनऊ,
  • 07 मई 2023,
  • अपडेटेड 4:48 PM IST
  • वाराणसी रोपवे केबिन को यूरोपियन डिजाइन से किया जाएगे तैयार
  • दिव्यांगों को मिलेंगी ये खास सुविधाएं

Varanasi Ropeway Specialty: विश्व की सबसे प्राचीन नगरी काशी अब टेक्नोलॉजी में भी आगे निकलने की तैयारी में है. काशी में आवागमन की सुविधा के लिए ट्रांसपोर्ट रोपवे प्रोजेक्ट का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को किया था. इस पर काम शुरू हो गया है. काशी का रोपवे देश का पहला और विश्व का तीसरा अर्बन ट्रांसपोर्ट रोप-वे होगा. इससे पहले दुनिया में अर्बन ट्रांसपोर्ट के लिए सिर्फ़ दो रोपवे हैं. इसमें से एक बोलिविया और एक मेक्सिको में है. काशी में बनमें वाले रोपवे ट्रांसपोर्ट को विश्वस्तरीय बनाने के लिए इसमें कई अहम सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं.

रोपवे का जो डिज़ाइन सामने आया है वो खास है. इसके केबिन यूरोपियन डिजाइन के और आरामदायक सीटिंग वाले होंगे. इस रोपवे में यात्री हर मौसम में आरामदायक सफर कर सकें, इसके लिए रोप-वे में वेंटिलेशन की विशेष व्यवस्था की जाएगी. वेंटीलेशन के कारण गर्मी में भी सफर आरामदायक होगा. नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड की प्रोजेक्ट डायरेक्टर पूजा मिश्रा ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसका डिजाइन तैयार किया गया है. खास तौर पर गर्मी के मौसम में रोपवे में वेंटिलेशन की विशेष व्यवस्था होगी.

सफर होगा आरामदायक

गर्मी के मौसम को देखते हुए इसकी खिड़कियाँ भी ख़ास बनायी जा रही हैं. खिड़की में लगे विशेष मटीरीयल की वजह से सूर्य की तेज किरणें रिफ़्लेक्ट हो जाएंगी. इससे अंदर का तापमान नियंत्रित रहेगा. ये यूरोपियन डिज़ाइन की होंगी. काशी के ट्रांसपोर्ट रोपवे की एक ख़ास बात ये होगी कि इसमें दिव्यांगजनों के बैठने के लिए व्यवस्था होगी. कार केबिन में दिव्यांगजन अपनी व्हीलचेयर के साथ ही बैठ सकेंगे. एक कार केबिन में 10 यात्रियों के लिए जगह होगी तो वहीं दिव्यांगजन भी बैठ सकें इसका स्पेस बनाकर इसका डिज़ाइन तैयार किया जा रहा है. प्रोजेक्ट डायरेक्टर पूजा मिश्रा बताती हैं कि प्रधानमंत्री के विज़न के अनुरूप इसको तैयार करने की कोशिश की गयी है जिससे दिव्यांगजन भी आरामदायक सफ़र कर सकें.

वाराणसी में ट्रैफिक से मिलेगी निजात

काशी में शहर के अंदर एक जगह से दूसरी जगह तक जाने में ट्रैफ़िक को देखते हुए ट्रांसपोर्ट रोपवे बहुत ख़ास होगा. इसके रूट को ख़ास तौर कर तय किया गया है जिससे आम लोगों के अलावा बड़ी संख्या में आने वाले देशी विदेशी पर्यटक भी इसमें यात्रा कर सकें. रोपवे से वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से आने वाले यात्रियों को काशी विश्वनाथ मंदिर और दशाश्वमेध घाट तक पहुँचना आसान हो जाएगा.  इस रेपवे से काशी के भीड़ भाड़ वाले इलाक़ों को पार करने में आसानी होगी. योगी सरकार ने वाराणसी की विकास योजनाओं पर काम कर रही है. इसमें प्रमुख योजना रोपवे की है जिसके चलने के बाद वाराणसी के प्रमुख शहरी इलाक़ों से ट्रैफ़िक का भार कम होने की उम्मीद है.

एक घंटे में 6000 यात्री कर सकेंगे सफर

वाराणसी में चलने वाले ट्रांसपोर्ट रोपवे में 150 कार केबिन चलाने की योजना है. जिससे एक घंटे में दोनों ओर से क़रीब 6000 यात्री सफ़र कर सकते हैं. 50 मीटर ऊपर चलने वाले रोप-वे का निर्माण स्विट्ज़रलैंड की कम्पनी बर्थोलेट और नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड कर रही है. वाराणसी कैंट स्टेशन से शुरू करके गोदौलिया तक 5 स्टेशन होंगे. इसके निर्माण कार्य के लिए हाल ही में अपने वाराणसी दौरे में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए निर्देश दिए हैं. भूमि अधिग्रहण, तार और पाइप शिफ़्टिंग का काम शुरू हो गया है.

 

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