राजस्थान में EWS आरक्षण को लेकर शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने अब प्रदेशव्यापी अभियान का ऐलान किया है. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आरक्षण का वास्तविक और प्रभावी लाभ दिलाने की मांग को लेकर भाटी 25 सितंबर 2026 से राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में यात्रा शुरू करेंगे. भाटी ने कहा कि EWS आरक्षण का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आगे बढ़ने का अवसर देना है, लेकिन मौजूदा पात्रता और प्रमाण-पत्र व्यवस्था से जुड़ी कई व्यावहारिक दिक्कतें अभी भी सामने आ रही हैं.
EWS को लेकर सड़क पर उतरेंगे रविंद्र भाटी-
रविंद्र सिंह भाटी का कहना है कि राजस्थान जैसे राज्यों में सिर्फ कृषि भूमि का आकार देखकर किसी परिवार की आर्थिक स्थिति तय करना उचित नहीं है. जमीन कितनी उपजाऊ है, वहां सिंचाई की सुविधा है या नहीं, उस क्षेत्र में जमीन की कीमत क्या है और उससे परिवार की वास्तविक आमदनी कितनी हो रही है, इन तमाम पहलुओं को भी EWS पात्रता में शामिल किया जाना चाहिए.
प्रमाणपत्र को लेकर भाटी का मांग-
भाटी की सबसे अहम मांगों में से एक EWS प्रमाण-पत्र को लेकर है. उनका कहना है कि राज्यों द्वारा जारी EWS प्रमाण-पत्रों को केंद्रीय सरकारी नौकरियों और केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में भी मान्यता मिलनी चाहिए. इससे अभ्यर्थियों को केंद्र और राज्य के लिए अलग-अलग प्रमाण-पत्र बनवाने की प्रक्रिया से राहत मिल सकेगी. भाटी ने केंद्र सरकार से EWS की आय और संपत्ति से जुड़े मौजूदा मानदंडों की व्यापक समीक्षा करने की मांग की है. उनका कहना है कि नियम ऐसे होने चाहिए, जो अलग-अलग राज्यों की सामाजिक, कृषि और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आरक्षण का वास्तविक लाभ पहुंचा सकें.
EWS के तहत 10 फीसदी आरक्षण-
राजस्थान में फरवरी 2019 से सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में EWS वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू है. भाटी का कहना है कि प्रक्रियात्मक स्तर पर कुछ सुधार हुए हैं, लेकिन केंद्रीय स्तर पर EWS अभ्यर्थियों के सामने अभी भी कई व्यावहारिक चुनौतियां मौजूद हैं. अब 25 सितंबर से शुरू होने वाली भाटी की यात्रा के दौरान EWS व्यवस्था से जुड़ी इन्हीं समस्याओं, प्रस्तावित सुधारों और समान अवसर की मांगों को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों और जनप्रतिनिधियों से संवाद किया जाएगा. यानी EWS आरक्षण के मुद्दे को लेकर रविंद्र सिंह भाटी ने अब इसे राजस्थान के गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाने की तैयारी कर ली है.
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