जामनगर में चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर कोई भी हैरान रह जाए. बैंक के लॉकर में ग्राहकों ने भरोसे के साथ लाखों रुपये का सोना रखा था, लेकिन जब राज खुला तो असली सोने की जगह नकली जेवर मिले. चोर ने सिर्फ सोना ही नहीं चुराया, बल्कि चोरी छिपाने के लिए उसकी जगह डुप्लीकेट आभूषण भी रख दिए. इस पूरे मामले में करीब 39 लाख रुपये से ज्यादा कीमत के सोने के आभूषण चोरी होने की बात सामने आई है. चलिए आपको बताते हैं पूरा मामला क्या है.
342 ग्राम से ज्यादा सोना हुआ गायब
मामला जामनगर की इंडियन बैंक की रणजीतसागर ब्रांच का है. पुलिस के मुताबिक, गोल्ड लोन के ग्राहकों के लॉकर में रखे करीब 342.1 ग्राम सोने के आभूषण चोरी किए गए. इनकी अनुमानित कीमत करीब 39 लाख 48 हजार 912 रुपये बताई जा रही है. शुरुआती जांच में पता चला कि लॉकर में रखे असली जेवर निकालकर उनकी जगह नकली सोने के आभूषण रखे गए थे.
बैंक कर्मचारी पर चोरी का आरोप
पुलिस जांच में बैंक में पटावाला के तौर पर काम करने वाले हसमुखभाई दिनेशभाई पारिया का नाम सामने आया है. आरोप है कि उसने ब्रांच मैनेजर के चैंबर में रखी तिजोरी की चाबी चालाकी से हासिल कर ली. इसके बाद तिजोरी खोलकर गोल्ड लोन ग्राहकों के असली आभूषण निकाल लिए और उनकी जगह नकली जेवर रख दिए.
चोरी का सोना बेचने पहुंचा तो पुलिस ने दबोचा
जांच में यह भी सामने आया कि चोरी किए गए सोने के आभूषण विजयभाई आळाभाई वगोरा को बेचने के लिए दिए गए थे. पुलिस के डी-स्टाफ को सूचना मिली कि विजय वगोरा चोरी का सोना बेचने वाला है. इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर उसे सोना बेचने आते समय पकड़ लिया.
मामले की जांच जारी...
बैंक मैनेजर हेमराजभाई नरेंद्रकुमार गजरानी की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है. जांच इस बात की भी हो रही है कि कहीं पहले भी बैंक के लॉकर से इसी तरह सोना चोरी तो नहीं किया गया. साथ ही पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी का सोना किसी अन्य सराफा व्यापारी या बिचौलिए तक तो नहीं पहुंचा. तिजोरी की चाबी हासिल करने से लेकर सोना निकालने और उसे बेचने तक की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है.