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न नेता, न अधिकारी… यहां मजदूर और सफाई कर्मी फहराते हैं तिरंगा, पिंकी देवी ने निभाई परंपरा

जामताड़ा के पटेल चौक पर हर साल 15 अगस्त और 26 जनवरी को एक सफाई कर्मी या मेहनतकश व्यक्ति के हाथों तिरंगा फहराया जाता है. इस साल भी इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नगर पंचायत की सफाई कर्मी पिंकी देवी ने पटेल चौक पर तिरंगा फहराया और उसे सलामी दी.

Unique Flag Hoisting
देवाशीष भारती
  • जामताड़ा ,
  • 15 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:32 PM IST

आपने स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के मौके पर नेताओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्कूलों में शिक्षकों को तिरंगा फहराते हुए जरूर देखा होगा. लेकिन क्या आपने कभी किसी सफाई कर्मी, मजदूर या रिक्शा चालक को सार्वजनिक स्थान पर तिरंगा फहराते देखा है? अगर नहीं तो चलिए आपको बताते हैं जामताड़ा की एक ऐसी कहानी के बारे में, जो पिछले 25 वर्षों से चली आ रही है. जी हां, जामताड़ा के पटेल चौक पर हर साल 15 अगस्त और 26 जनवरी को एक सफाई कर्मी या मेहनतकश व्यक्ति के हाथों तिरंगा फहराया जाता है. इस साल भी इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नगर पंचायत की सफाई कर्मी पिंकी देवी ने पटेल चौक पर तिरंगा फहराया और उसे सलामी दी.

पिंकी देवी के लिए यह पल बेहद खास था. उनका कहना है कि एक सफाई कर्मी होते हुए तिरंगा फहराना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है. दरअसल, पटेल सेवा संघ की ओर से शुरू की गई यह परंपरा अब 25 साल का सफर पूरा कर चुकी है. पटेल सेवा संघ के राजेंद्र राउत बताते हैं कि इसके पीछे उद्देश्य समाज के दबे-कुचले और मेहनतकश वर्ग के लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना जगाना है.

25 वर्षों से चली आ रही परंपरा
उन्होंने बताया कि यहां तिरंगा फहराने के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं. ऐसे मजदूर, सफाई कर्मी या रिक्शा चालक, जो अपने बच्चों को शिक्षा दिलाते हों और शराब का सेवन नहीं करते हों, उन्हें ही झंडोत्तोलन का अवसर दिया जाता है. इसके पीछे मकसद समाज में शिक्षा और नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता पैदा करना भी है. 25 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा सिर्फ तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि देश के निर्माण में हर मेहनतकश नागरिक की बराबर भागीदारी है और राष्ट्रीय ध्वज पर पहला हक हर उस भारतीय का है, जो देश के लिए मेहनत करता है. 

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