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Jharkhand Politics: Jitan Ram Manjhi के नक्शेकदम पर Champai Soren! JMM से बगावत, बनाएंगे नई पार्टी... 9 साल पहले Bihar में भी ऐसे ही हुआ था

झारखंड की सियासत में वही कहानी दोहराई जा रही है, जो साल 2015 में बिहार में हुई थी. जिस तरह से नीतीश कुमार ने जीतन राम मांझी को सीएम पद से हटाया था और उन्होंने पार्टी से बगावत कर दी थी, ठीक उसी तरह हेमंत सोरेन ने चंपाई सोरेन को मुख्यमंत्री के पद से हटाया है. अब चंपाई सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) से बगावत कर दी है और नई पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है.

Jitan Ram Manjhi and Champai Soren
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 22 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 4:43 PM IST

झारखंड में विधानसभा चुनाव जल्द होने वाले हैं. इसको लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा से बगावत कर दी है. उन्होंने अलग पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है. जेएमएम में अभी जो सियासी उथल-पुथल मची है, ठीक वैसा ही सियासी बवाल साल 2015 में जेडीयू में हुआ था. उस समय जीतन राम मांझी चंपाई सोरेन की भूमिका में थे और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हेमंत सोरेन की तरह मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे थे.

जीतन राम मांझी का राह पर चंपाई सोरेन-
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की राह पर चल पड़े हैं. चंपाई सोरेन ने जेएमएम से अलग होने और नई पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है. कयास लगाए जा रहे थे कि चंपाई बीजेपी में जा सकते हैं. लेकिन उन्होंने नई पार्टी बनाने का ऐलान करके जेएमएम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. आपको बता दें कि जब से चंपाई सोरेन को सीएम पद से हटाया गया है, उसके बाद से ही वो नाराज चल रहे थे. आखिरकार उन्होंने  बिहार के पूर्व सीएम मांझी की तरह अलग पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया.

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी साल 2015 में ऐसा ही किया था. दरअसल नीतीश कुमार ने मांझी को मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटा दिया था और खुद मुख्यमंत्री का पद संभाल लिया था. इसके बाद मांझी ने नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. कुछ दिनों के बाद उन्होंने नई पार्टी बनाई. उनकी पार्टी का नाम हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) है. फिलहाल जीतन राम मांझी अपनी पार्टी की बदौलत केंद्र सरकार में मंत्री है और उनके बेटे संतोष सुमन बिहार सरकार में मंत्री हैं.

चंपाई सोरेन का CM बनने और हटाने की कहानी-
जमीन घोटाले में ईडी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ की थी. जिसके बाद सोरेन ने 31 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद सीएम पद की रेस में कई नाम सामने आए. लेकिन 2 फरवरी 2024 को चंपाई सोरेन को झारखंड का मुख्यमंत्री बनाया गया. करीब 5 महीने बाद हेमंत सोरेन जेल से रिहा हुए. इसके बाद 3 जुलाई 2024 को चंपाई सोरेन को सीएम पद छोड़ना पड़ा. 4 जुलाई को हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बनाए गए.

मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने से चंपाई सोरेन नाराज हो गए. 18 अगस्त को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर किया और अपनी बात रखी. इसके बाद उन्होंने जेएमएम से अलग पार्टी बनाने का ऐलान किया.

जीतन राम मांझी ने कैसे की थी बगावत-
चंपाई सोरेन की तरह बिहार में जीतन राम मांझी ने भी बगावत की थी. साल 2014 में लोकसभा चुनाव में जेडीयू को बिहार में बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था. नीतीश कुमार ने अपने भरोसेमंद जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाने का फैसला किया. 20 मई 2024 को जीतन राम मांझी बिहार के मुख्यमंत्री बने. इस दौरान उन्होंने कई ऐसे फैसले किए, जिससे नीतीश कुमार असहज होने लगे. इसके बाद मांझी को कुर्सी से हटाया गया. मांझी को सीम पद से हटाने के लिए भी जेडीयू को विधायकों की लामबंदी करन पड़ी. इसके बाद 20 फरवरी 2015 को जीतन राम मांझी ने सीएम पद स इस्तीफा दे दिया. मांझी 9 महीने मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रहे.

सीएम पद छोड़ने के बाद भी जीतन राम मांझी शांत नहीं बैठे. उन्होंने जेडीयू से बगावत कर दी. इसके बाद जेडीयू ने मांझी को पार्टी से निकाल दिया. पूर्व सीएम मांझी भी नई सियासी पारी खेलने की तैयारी कर ली और मई 2025 में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा बनाने का ऐलान कर दिया. आज जीतन राम मांझी केंद्र सरकार में मंत्री हैं.

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