रामगढ़ जिले में ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है. अब तक टॉयलेट, स्किल डेवलपमेंट और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल के बाद मंगलवार से ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक खास कैफे की शुरुआत भी की जा रही है. यह पहल उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और सुरक्षित वातावरण देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.
ट्रांसजेंडर टॉयलेट की सुविधा
ट्रांसजेंडर समुदाय को अक्सर सार्वजनिक स्थानों पर असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है. इसे ध्यान में रखते हुए रामगढ़ जिला प्रशासन ने समाहरणालय परिसर स्थित पार्क, सदर अस्पताल और बस स्टैंड में ट्रांसजेंडर शौचालय का निर्माण कराया है. इससे समुदाय के लोगों को सुरक्षित, सुविधाजनक और गरिमापूर्ण वातावरण मिल सकेगा. जिला प्रशासन का मानना है कि यह कदम सार्वजनिक स्थलों पर उनकी सहज उपस्थिति सुनिश्चित करेगा और उन्हें किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा.
स्किल डेवलपमेंट और स्वरोजगार पर जोर
प्रशासन केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी काम कर रहा है. उन्हें ब्यूटीशियन का कोर्स कराया जा रहा है और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ब्यूटी पार्लर उपलब्ध कराए गए हैं. इसके अलावा, अगर वे अन्य किसी क्षेत्र में प्रशिक्षण लेना चाहते हैं तो उसके लिए भी विकल्प दिए जा रहे हैं. सरकार की विभिन्न स्किल डेवलपमेंट योजनाओं से उन्हें जोड़ा जा रहा है, ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें.
सरकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल
जिला प्रशासन ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को पहचान पत्र, राशन कार्ड, पेंशन योजना और स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने का काम भी कर रहा है. उन्हें आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजना का लाभ दिलाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं. नियमित स्वास्थ्य जांच और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है.
अब शुरू होगा ‘ट्रांस कैफे’
मंगलवार से ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक विशेष कैफे की शुरुआत हो रही है. यह कैफे वे खुद चलाएंगे और उसका प्रबंधन भी स्वयं करेंगे. यहां वे काम करने के साथ-साथ बैठकर बातचीत और मनोरंजन भी कर सकेंगे. रामगढ़ के उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज ने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय लंबे समय से सामाजिक रूप से उपेक्षित रहा है. प्रशासन का उद्देश्य उन्हें सम्मान, समान अवसर और आत्मनिर्भर भविष्य देना है. रामगढ़ में की गई यह पहल न केवल सामाजिक सोच में बदलाव का संकेत है, बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय को सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम भी है.
रिपोर्टर: सत्याजीत
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