रांची के 'कल्पतरु मैन' ने किया कमाल, हजारों दुर्लभ वृक्ष लगाकर लिखी हरियाली की कहानी

पर्यावरण संरक्षण को लेकर जहां दुनिया भर में चिंता बढ़ रही है, वहीं झारखंड की राजधानी रांची के एक युवा ने इस दिशा में अनोखी पहल की है. निखिल मेहुल, जिन्हें लोग 'कल्पतरु मैन' के नाम से जानते हैं, पिछले कई वर्षों से कल्पवृक्ष के संरक्षण और संवर्धन के लिए काम कर रहे हैं.

Kalpataru Man Nikhil Mehul
gnttv.com
  • रांची,
  • 05 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:06 PM IST

पर्यावरण संरक्षण को लेकर जहां दुनिया भर में चिंता बढ़ रही है, वहीं झारखंड की राजधानी रांची के एक युवा ने इस दिशा में अनोखी पहल की है. निखिल मेहुल, जिन्हें लोग 'कल्पतरु मैन' के नाम से जानते हैं, पिछले कई वर्षों से कल्पवृक्ष के संरक्षण और संवर्धन के लिए काम कर रहे हैं.

निखिल मेहुल ने वर्ष 2019 से अब तक झारखंड समेत देश के विभिन्न राज्यों में 3 हजार से अधिक कल्पवृक्ष लगाए हैं. इनमें से 2100 से अधिक वृक्ष केवल रांची में लगाए गए हैं. उनका लक्ष्य रांची को 'कल्पतरु सिटी' के रूप में विकसित करना है. खास बात यह है कि वे स्वयं कल्पतरु के बीजों से पौधे तैयार करते हैं और वृक्षारोपण के इच्छुक लोगों को निशुल्क उपलब्ध कराते हैं.

स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है कल्पवृक्ष
निखिल का कहना है कि कल्पतरु केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण वृक्ष है. इसके फलों में विटामिन-सी और कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जबकि इसकी पत्तियों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं.

दीर्घायु और दुर्लभ वृक्षों में से एक
उनके अनुसार कल्पतरु अत्यंत दीर्घायु और दुर्लभ वृक्षों में से एक है, जो हजारों वर्षों तक जीवित रह सकता है. यह भूमिगत जलस्तर को बढ़ाने और बड़ी मात्रा में जल संरक्षण करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. जलवायु परिवर्तन और बढ़ते पर्यावरणीय संकट के दौर में ऐसे वृक्षों का संरक्षण समय की आवश्यकता बन गया है.

हिंदू पौराणिक मान्यताओं में कल्पवृक्ष को समुद्र मंथन से प्राप्त 14 रत्नों में से एक माना गया है. इसे दिव्य और मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला वृक्ष भी कहा जाता है. निखिल मेहुल की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और सुरक्षित भविष्य का संदेश भी देती है.

रिपोर्टर: आकाश कुमार

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