हर धर्म के शास्त्र और ग्रंथ मां की ममता को सबसे अनमोल बताते हैं. कहा जाता है कि मां की ममता से ज्यादा कीमती कुछ नहीं होता. लेकिन डिजिटल जमाने में कानपुर से सामने आए एक मामले ने इस सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां तीन बच्चों की एक मां अपनी सहेली के प्यार में पति और ससुराल छोड़कर उसके साथ रहने चली गई. महिला का कहना है कि वह अपनी सहेली से प्यार करती है और उसी के साथ जिंदगी बिताना चाहती है. पुलिस ने महिला को बरामद करने के बाद उसके पति और बच्चों के सामने पेश किया. बच्चों ने मां को देखकर रोते हुए उसे घर चलने के लिए कहा, लेकिन महिला अपने फैसले पर कायम रही.
इंस्टाग्राम पर एक साल पहले हुई थी दोस्ती
मामला कानपुर के महाराजपुर इलाके का है. यहां एक प्रतिष्ठित परिवार की महिला की करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए दिल्ली में रहने वाली 25 साल की युवती से दोस्ती हुई थी. दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई. महिला के तीन बच्चे हैं. बताया गया कि वह बच्चों के साथ रहने के बजाय काफी समय अपनी सहेली से मोबाइल पर बातचीत करने में बिताती थी.
6 सितंबर को घर से चली गई महिला
इसी बीच 6 सितंबर को महिला अपने पति और तीन बच्चों को ससुराल में छोड़कर दिल्ली चली गई. उसके अचानक लापता होने से पति और बच्चों को कुछ पता नहीं चला. इसके बाद पति ने महाराजपुर थाने में पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराई. पुलिस ने महिला की तलाश शुरू की. जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस और कॉल डिटेल के जरिए जानकारी जुटाई. शुरुआत में महिला का मोबाइल बंद मिला, लेकिन कॉल डिटेल से पता चला कि वह दिल्ली की एक युवती से लगातार बात करती थी.
पुलिस ने सहेली से किया संपर्क
पुलिस ने जब उस युवती से संपर्क किया तो पता चला कि महिला उसके साथ है. युवती ने पुलिस को बताया कि महिला उससे प्रेम करती है और उसके साथ ही जिंदगी बिताना चाहती है. चूंकि महिला की गुमशुदगी दर्ज थी, इसलिए पुलिस ने उसकी लोकेशन पता की और महिला व उसकी सहेली दोनों को बरामद कर लिया. इसके बाद दोनों को महाराजपुर थाने लाया गया. महाराजपुर थाने में एसीपी आशुतोष सिंह ने खुद महिला से बात की. महिला ने साफ कहा कि वह इसी लड़की से प्रेम करती है और उसके साथ ही जीवन बिताना चाहती है.
इसके बाद महिला के पति और बच्चों को भी थाने बुलाया गया. बच्चों ने अपनी मां को पकड़कर रोना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी मां की जरूरत है और वह उनके साथ घर चले. लेकिन महिला ने बच्चों से कहा कि वे अपने पिता के साथ रहें, क्योंकि वह अपनी सहेली के साथ ही जिंदगी बिताना चाहती है. महिला के पति से भी वह नहीं मिली. युवती के मां-बाप भी वहां पहुंचे, लेकिन महिला उनसे भी बात नहीं करना चाहती थी.
पुलिस ने महिला को उसकी मर्जी से जाने दिया
पुलिस के मुताबिक, महिला ने अपनी इच्छा से अपनी सहेली के साथ रहने की बात कही. कानून के तहत बालिग महिला को अपनी इच्छा से किसी के साथ रहने का अधिकार है. ऐसे में पुलिस ने महिला को समझाने और उसके बच्चों से मिलवाने की कोशिश की, लेकिन वह अपने फैसले पर कायम रही. एसीपी आशुतोष सिंह के मुताबिक, पुलिस ने महिला को समझाने की कोशिश की और बच्चों से भी मिलवाया, लेकिन वह अपनी सहेली के साथ ही रहना चाहती थी. इसके बाद महिला अपनी सहेली के साथ चली गई.
बच्चों की परवरिश को लेकर क्या है कानून?
कानपुर के वरिष्ठ वकील तत्वेस अग्रवाल के मुताबिक, महिला को अपनी इच्छा से किसी के साथ रहने का कानूनी अधिकार है और इस आधार पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती. हालांकि, बच्चों की परवरिश का सवाल अलग है. वकील के अनुसार, हिंदू एडॉप्शन एंड मेंटेनेंस एक्ट की धारा 20 के तहत बच्चों को अपनी मां से परवरिश पाने का कानूनी हक है. अगर बच्चे अदालत से अपील करते हैं तो मां को उनकी परवरिश करनी होगी और उनके खर्च की जिम्मेदारी भी उठानी होगी.
बच्चों की आंखों में थे आंसू
जब महिला अपनी सहेली के साथ जाने लगी तो बच्चों की आंखों में आंसू थे. वे अपनी मां को खोना नहीं चाहते थे. मां से दूर हुए इन बच्चों का इस पूरे मामले में कोई अपराध नहीं था, लेकिन उन्हें अपनी मां से दूर रहना पड़ा. कानूनी पहलू अपनी जगह है. कानून की किताबों में ममता की कोई धारा नहीं होती, लेकिन मां और बच्चों के बीच का रिश्ता ऐसा होता है, जिसे किसी कानून में शब्दों में बांधना आसान नहीं है. मां बच्चों के लिए हमेशा सबसे खास मानी जाती है. इस मामले में महिला ने अपने जीवन को लेकर जो फैसला लिया, उसका असर उसके बच्चों पर भी पड़ा है.
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