कुछ दोस्त अपने बचपन के मित्र को भूल जाते हैं लेकिन यूपी का डिप्टी सीएम बनने के बावजूद बृजेश पाठक अपने बचपन के दोस्त को नहीं भूले हैं. बृजेश पाठक ने सड़क पर नारियल ठेला लगाने वाले अपने फ्रेंड के पास अपना काफिला रुकवा और नारियल पानी पिया. दोनों की इस दोस्ती की हर तरफ चर्चा हो रही है. दरअसल, कानपुर में गुरुवार को निकली तिरंगा यात्रा में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक भी शामिल हुए थे. तिरंगा यात्रा दूर से निकलकर कई किलोमीटर होते हुए कानपुर साउथ गोविंद नगर तक पहुंची थी. इस यात्रा में वैसे तो बीजेपी की कार्यकर्ता पूरे जोश से शामिल हुए लेकिन इन सबसे अलग नजारा तब नजर आया जब डिप्टी सीएम तिरंगा यात्रा लेकर गोविंद नगर के रतनलाल नगर इलाके में पहुंचे. वहां एक नारियल ठेले वाले के ठेले पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक रुक गए और उसके स्टूल पर बैठ गए. इसके बाद उन्होंने नारियल वाले से बात करके उसका एक नारियल लेकर पानी पिया. नारियल पानी पीने के बाद डिप्टी सीएम ने नारियल पानी बेचने वाले के गले में अपना दुपट्टा भी पहनाया.
साथ में कभी करते थे पहलवानी
रोड के किनारे एक ऐसा नारियल ठेले वाला जिसको कब किस समय पुलिस वाला डंडा लेकर अतिक्रमण के नाम पर हटाने लगे, ऐसे ठेले पर उत्तर प्रदेश की डिप्टी सीएम का नारियल पानी पीना और अपना दुपट्टा डालकर सम्मानित करना, उस ठेले वाले के लिए गर्व की बात है. डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने जिस नारियल ठेला वाले से नारियल पानी पिया उसका नाम भारत तिवारी है. भरत तिवारी का कहना है कि डिप्टी सीएम बृजेश पाठक उसके बचपन के दोस्त हैं. वह जब बचपन में पहलवानी करते थे तो मैं भी उनके साथ पहलवानी करता था. यह उनकी दरिया दिली है कि वह डिप्टी सीएम हो करके भी मुझको याद रखा.
हमारी दोस्ती कृष्ण-सुदामा जैसी
आपको मालूम हो कि डिप्टी सीएम बृजेश पाठक उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री भी हैं. भारत तिवारी ने बताया कि खुद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने उस जैसे छोटे ठेले वाले से नारियल पानी पीने के दौरान उसके हाथ में लगी चोट के बारे में पूछा. भरत तिवारी ने उन्हें बताया कि नारियल काटने वाले चापड़ से चोट लगी है. इस पर डिप्टी सीएम ने कहा कि टिटनेस का इंजेक्शन लगाया कि नहीं. चलते-चलते डिप्टी सीएम ने यह भी कह दिया कोई परेशानी हो तो बताना. भरत तिवारी कानपुर के रतनलाल नगर में अपना नारियल पानी का ठेला लगाते हैं. बृजेश पाठक का काफिला भी वही सामने से गुजर रहा था. भारत ने डिप्टी सीएम को देखा और दोनों की नजरे मिलीं. इस तरह से बचपन की याद ताजा हो गई है. डिप्टी सीएम ने काफिला रुकवाया और उतरकर उसके ठेले पर पहुंचे. उसके स्टॉल पर बैठे. उसका नारियल पानी पिया. अपने गले का दुपट्टा उसके गले में पहनाया. डिप्टी सीएम ने पूछा तुम्हारे हाथ में चोट कैसी है. इंजेक्शन लगवाया कि नहीं, कोई परेशानी हो तो बताना. भरत तिवारी का कहना है हमारी और डिप्टी सीएम की दोस्ती कृष्ण-सुदामा जैसी है.