उत्तर प्रदेश के कानपुर में परमट स्थित प्राथमिक विद्यालय के शिलान्यास को लेकर छिड़ा विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदलता नजर आ रहा है. समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेई के बयान और डमरू बजाते वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने एहतियातन उनके आवास पर पुलिस बल तैनात कर दिया. वर्चुअल शिलान्यास और हवन-पूजन की घोषणा के बीच समर्थकों ने भी प्रदर्शन कर माहौल को और गरमा दिया.
2 दिनों से विवाद की स्थिति-
पिछले दो दिनों से परमट प्राथमिक विद्यालय के शिलान्यास को लेकर भाजपा और सपा समर्थकों के बीच लगातार तनातनी बनी हुई है. विधायक द्वारा लगाए गए शिलान्यास संबंधी बैनरों के बाद विवाद शुरू हुआ था. बुधवार को सपा विधायक और भाजपा नेता Suresh Awasthi के समर्थकों के बीच जमकर नारेबाजी हुई, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया.
गुरुवार को प्रस्तावित शिलान्यास कार्यक्रम से पहले पुलिस प्रशासन ने विधायक को उनके आवास तक सीमित कर दिया. इसके विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के आरोप लगाए. काकादेव स्थित विधायक आवास के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक जमा हो गए और जमकर नारेबाजी की.
जब तक स्कूल नहीं बनेगा, तब तक नहीं पहनूंगा चप्पल- MLA
इसी बीच विधायक का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वे डमरू बजाते हुए स्कूल निर्माण को बच्चों के सपनों से जोड़ते नजर आए. उन्होंने कहा कि बच्चों का अधूरा सपना बाबा भोलेनाथ पूरा करेंगे. विधायक ने घोषणा की कि जब तक विद्यालय का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक वे जूता-चप्पल और ऊपरी वस्त्र धारण नहीं करेंगे. उन्होंने संविधान की शपथ लेते हुए दावा किया कि स्कूल का निर्माण उसी स्थान पर कराया जाएगा.
विधायक ने यह भी कहा कि वे हवन-पूजन के जरिए वर्चुअल शिलान्यास करेंगे और पांच शिलाओं का पूजन कराया जाएगा. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उन्हीं शिलाओं को विधिवत स्थापित किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका किसी सांसद या अन्य जनप्रतिनिधि से व्यक्तिगत विवाद नहीं है और यदि कोई जनप्रतिनिधि शिलान्यास करना चाहता है तो उसका स्वागत है.
प्रशासन सतर्क-
स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया. विधायक के परमट मंदिर जाने के दौरान पुलिस की गाड़ियां और अतिरिक्त फोर्स उनके साथ मौजूद रही ताकि किसी भी तरह की तनावपूर्ण स्थिति पैदा न हो. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं.
बाद में पुलिस की मौजूदगी और समझाइश के बाद समर्थकों की भीड़ धीरे-धीरे शांत हो गई और हालात सामान्य होते नजर आए. फिलहाल प्रशासन क्षेत्र में सतर्कता बनाए हुए है और पूरे मामले की निगरानी की जा रही है.
(सिमर चावला की रिपोर्ट)
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