सावन माह में होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर गाजियाबाद पुलिस और जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं. इस बार यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए हाईटेक तकनीक, अंतरराज्यीय समन्वय और बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था लागू की जा रही है. कांवड़ मार्गों पर जगह-जगह वॉच टॉवर बनाए जा रहे हैं, जहां दूरबीन और आधुनिक उपकरणों से लैस पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे. इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों, विशेष कंट्रोल रूम और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से पूरे कांवड़ रूट की निगरानी की जाएगी. सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की भी तैनाती रहेगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.
इंटर स्टेट कोऑर्डिनेशन मीटिंग में बनी सुरक्षा की रणनीति
कांवड़ यात्रा की तैयारियों के तहत गाजियाबाद में इंटर स्टेट कोऑर्डिनेशन मीटिंग आयोजित की गई. बैठक में दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी, शाहदरा और ईस्ट दिल्ली के डीसीपी के अलावा गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा, हापुड़ और बागपत के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए. बैठक में दिल्ली बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक डायवर्जन और विभिन्न जिलों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. यह भी तय किया गया कि सभी संबंधित जिलों के अधिकारियों का एक व्हाट्सएप कोऑर्डिनेशन ग्रुप बनाया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना साझा कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था/यातायात) राजकरन नैय्यर ने बताया कि कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी जिलों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा जाएगा. सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर संयुक्त रूप से काम किया जाएगा.
दूधेश्वरनाथ मंदिर में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना
एडीएम सिटी विकास कश्यप ने बताया कि गाजियाबाद के प्राचीन दूधेश्वरनाथ मंदिर में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचते हैं. इस बार भी 10 लाख से अधिक कांवड़ियों के आने की संभावना है. इसे देखते हुए मंदिर परिसर के बाहर व्यापक बैरिकेडिंग की जाएगी, ताकि श्रद्धालु कतारबद्ध होकर सुरक्षित तरीके से जलाभिषेक कर सकें. उन्होंने बताया कि मुरादनगर गंग नहर घाट पर भी बड़ी संख्या में कांवड़िए स्नान और विश्राम के लिए रुकते हैं. वहां सुरक्षा के मद्देनजर घाटों पर बैरिकेडिंग, सुरक्षा जाल तथा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके.
कांवड़ मार्गों की मरम्मत और बिजली व्यवस्था पर विशेष ध्यान
प्रशासन द्वारा कांवड़ मार्गों की मरम्मत का कार्य भी कराया जा रहा है. जहां आवश्यकता होगी वहां स्पीड ब्रेकर बनाए जाएंगे और दुर्घटनाओं की आशंका वाले अवैध कट बंद किए जाएंगे. बिजली विभाग को कांवड़ रूट पर सभी बिजली के पोल, तार और ट्रांसफार्मरों की जांच के निर्देश दिए गए हैं. खुले तारों और करंट की आशंका वाले स्थानों को सुरक्षित किया जाएगा. साथ ही बिजली के खंभों को निर्धारित ऊंचाई तक टेप से कवर कराया जाएगा. कांवड़ शिविरों और पूरे मार्ग पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं.
होटल-ढाबों की होगी जांच, मेडिकल कैंप भी रहेंगे तैयार
खाद्य सुरक्षा विभाग कांवड़ मार्ग पर स्थित होटल, ढाबों और खाद्य दुकानों का निरीक्षण करेगा. दुकानों पर विक्रेताओं की पहचान संबंधी जानकारी, नाम और मोबाइल नंबर प्रदर्शित कराए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को पारदर्शी और सुरक्षित व्यवस्था मिल सके. इसके अलावा कांवड़ रूट पर मेडिकल कैंप, एंबुलेंस, कंट्रोल रूम और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत सहायता मिल सके.
सुरक्षित और व्यवस्थित कांवड़ यात्रा पर प्रशासन का फोकस
प्रशासन का कहना है कि गाजियाबाद से होकर अन्य राज्यों की ओर जाने वाले लाखों कांवड़ियों के साथ-साथ दूधेश्वरनाथ मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसी उद्देश्य से पुलिस, प्रशासन और सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, ताकि कांवड़ यात्रा 2026 शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके.
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