उत्तर प्रदेश के कौशांबी में दसवीं कक्षा के एक छात्र के अपहरण की ऐसी सनसनीखेज कहानी रची, जिसे सुनकर प्रशासन भी हैरान रह गई. दरअसल छात्र ने शुरुआती जांच में बताया कि उसे किडनैप किया गया था, लेकिन जांच में अपहरण की पूरी वारदात झूठी निकली है. हुआ कुछ यूं कि छात्र के पिता ने पहले बेटे के लापता होने की सूचना पुलिस को दी थी, लेकिन कुछ देर बाद अपहरण की खबर मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. मौके पर पहुंची पुलिस ने जब छात्र और उसके परिजनों से पूछताछ की, तो पूरी कहानी सामने आ गई. पूछताछ में छात्र ने बताया कि घर से मोटरसाइकिल चलाने के लिए नहीं मिलती थी, इसलिए वह खुद ही बाइक लेकर घर से निकल गया था. घर लौटने पर डांट न पड़े, इससे बचने के लिए उसने अपहरण की कहानी रच दी.
बाथरूम जाने के लिए निकला, फिर अपहरण का दावा
मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के भद्दूरपुर गांव का रहने वाला 15 वर्षीय प्रशांत दसवीं कक्षा का छात्र है. प्रशांत ने बताया था कि वह सुबह घर से बाहर बाथरूम जाने के लिए निकला था. जब वह घर के अंदर गया, तो वहां पहले से दो बदमाश मौजूद थे. आरोप था कि बदमाशों ने छात्र और घर में खड़ी मोटरसाइकिल का अपहरण कर लिया. छात्र के मुताबिक, बदमाशों ने उसका मुंह और हाथ बांध दिया और उसे लेकर कोखराज थाना क्षेत्र की तरफ निकल पड़े. बताया गया कि जब बदमाश रोही ओवरब्रिज के पास पहुंचे, तो छात्र को भागने का मौका मिल गया. प्रशांत ने बाइक से छलांग लगा दी और बदमाशों के चंगुल से निकलकर भाग गया.
पिता ने पहले दी थी बेटे के लापता होने की सूचना
डीएसपी सौरव सावंत ने बताया कि छात्र के पिता आशीष कुमार पुलिस चौकी टेवा पहुंचे थे. उन्होंने पुलिस को सूचना दी कि उनका 15 वर्षीय बेटा प्रशांत मोटरसाइकिल लेकर कहीं चला गया है. इसके बाद पुलिस छात्र की तलाश में जुट गई. इसी बीच, करीब 11:30 बजे कोखराज थाना क्षेत्र से यूपी-112 पर दोबारा कॉल आई. इस बार छात्र के अपहरण की सूचना दी गई. जानकारी मिलते ही पुलिस की पीआरवी टीम मौके पर पहुंची.
रोही ओवरब्रिज के पास बाइक के साथ मिला छात्र
पुलिस जब रोही ओवरब्रिज के पास पहुंची, तो कॉल करने वाला व्यक्ति अपने बेटे और मोटरसाइकिल के साथ वहां मौजूद मिला. शुरुआत में बताया गया कि दो अज्ञात लोगों ने छात्र का अपहरण किया था और उसे मौके पर छोड़कर फरार हो गए. हालांकि, पुलिस ने जब छात्र से पूछताछ की, तो मामले की सच्चाई सामने आ गई. पूछताछ में प्रशांत ने बताया कि उसे घर से मोटरसाइकिल चलाने के लिए नहीं मिलती थी. इसी वजह से वह सुबह मौका पाकर खुद ही बाइक लेकर निकल गया था. पुलिस की पूछताछ में छात्र ने बताया कि घर से बाइक लेकर निकलने के बाद डांट से बचने के लिए उसने अपहरण की कहानी बना दी थी.