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Kaushambhi News: कभी होता था कच्चा मकान... लेकिन बदला जीवन, आज उठा रही परिवार की जिम्मेदारी... सरकारी योजना ने बनाया आत्मनिर्भर

सरकार की स्वयं सहायता समूह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ा हाथ रख रही है. दरअसल इस योजना की मदद से एक महिला ने खुद का पक्का मकान बना लिया. साथ ही आज परिवार की आर्थिक स्तिथि को सुधारने मदद कर रही है.

सरकारी योजना ने महिला को बनाया आत्मनिर्भर
अखिलेश कुमार
  • कौशांबी,
  • 04 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:48 PM IST

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में सरकार की स्वयं सहायता समूह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है. कभी कच्चे मकान में रहने वाली एक महिला आज अपना पक्का घर बनवा चुकी है और परिवार की जिम्मेदारी भी खुद उठा रही है. 

यह महिला है  मंझनपुर ब्लॉक के सैदानपुर गांव की रहने वाली सुनीता देवी, जो सरस हॉट में आवंटित सरकारी कमरे में चाय की दुकान चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं. चार बच्चों की जिम्मेदारी संभालने वाली सुनीता देवी के लिए स्वयं सहायता समूह योजना उम्मीद की नई किरण बनकर आई है.

सरकारी योजना से बदला जीवन 

मंझनपुर ब्लॉक के सरस हॉट में चाय की दुकान चलाने वाली सुनीता देवी की कहानी दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा है. सरकार की स्वयं सहायता समूह योजना से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी में बदलाव आना शुरू हुआ. पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था, लेकिन मेहनत और योजना से मिले अवसरों की बदौलत उन्होंने अपना पक्का घर बनवा लिया. इतना ही नहीं, परिवार की आमदनी बढ़ाने के लिए एक रिक्शा भी खरीद लिया.

सरकार की मदद से मिली आर्थिक मजबूती

सुनीता देवी आज चाय की दुकान चलाकर अपने चार बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं. सरस हॉट में सरकार की ओर से आवंटित कमरे में दुकान चलाने से उन्हें रोजगार का एक बेहतर अवसर मिला है. सुनीता देवी का कहना है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें काफी लाभ हुआ है. उन्होंने सरकार की इस योजना के लिए आभार जताते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद करती हैं.

योजना महिलाओं को बना रही आत्मनिर्भर

सुनीता देवी की यह कहानी बताती है कि सही अवसर और मेहनत के दम पर महिलाएं न सिर्फ अपनी जिंदगी बदल सकती हैं, बल्कि पूरे परिवार को बेहतर भविष्य देने की दिशा में भी आगे बढ़ सकती हैं. वह स्वयं सहायता समूह जैसी योजनाएं ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं.

 

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