केदारनाथ धाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर ठगी का शिकार बनाने वाला साइबर गिरोह लगातार सक्रिय है. ऐसे लोग ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर फर्जी वेबसाइट, फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज बनाकर श्रद्धालुओं से रकम ऐंठते हैं. रुद्रप्रयाग पुलिस ने ऐसे साइबर ठगों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. पुलिस अब तक 600 से अधिक फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया पेज और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ब्लॉक करा चुकी है. इसके अलावा ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे कई मोबाइल नंबर भी प्रतिबंधित कराए गए हैं.
बुकिंग के नाम पर पहले पेमेंट, फिर नंबर बंद
केदारनाथ धाम की यात्रा आस्था का बड़ा केंद्र है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. इसी आस्था और यात्रा की जल्दबाजी का फायदा साइबर ठग उठा रहे हैं. ठग हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग के नाम पर फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया पेज तैयार करते हैं. श्रद्धालु जब इन प्लेटफॉर्म के जरिए बुकिंग करने की कोशिश करते हैं तो उनसे ऑनलाइन पेमेंट करा लिया जाता है. पैसे मिलते ही ठग मोबाइल नंबर बंद कर देते हैं या संपर्क से बाहर हो जाते हैं. रुद्रप्रयाग पुलिस की साइबर टीम लगातार ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी कर रही है, जहां केदारनाथ हेली सेवा की बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं को निशाना बनाया जा रहा है.
5 लाख की ऑनलाइन ठगी, आरोपी ऋषिकेश से गिरफ्तार
अगस्त महीने में कोतवाली गुप्तकाशी में मु.अ.सं. 29/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था. इस मामले में पुलिस टीम ने राहुल थापा पुत्र स्वर्गीय राम थापा, निवासी शीशमबाड़ा, शेरपुर, जनपद देहरादून को ऋषिकेश से गिरफ्तार किया है. यह मुकदमा पुणे, महाराष्ट्र के लेक टाउन, कात्रज-कोंढवा रोड निवासी करण गुजराल पुत्र अशोक गुजराल की शिकायत पर दर्ज हुआ था. करण गुजराल से हेली सेवा उपलब्ध कराने के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी की गई थी, जिसमें करीब 5 लाख रुपये की ठगी हुई थी.
श्रद्धालुओं को हेली टिकट का झांसा देता था आरोपी
जांच में सामने आया कि आरोपी राहुल थापा पैसों के लालच में श्रद्धालुओं को हेली टिकट उपलब्ध कराने का झांसा देकर ऑनलाइन धोखाधड़ी करता था. पुलिस ने उसके कब्जे से सिम कार्ड सहित 2 मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड और आधार कार्ड बरामद किए हैं. बरामद इलेक्ट्रॉनिक और बैंक से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है. पूछताछ में आरोपी ने कुछ होटल संचालकों और हेली सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनियों के बारे में भी जानकारी दी है. इस संबंध में आगे की विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय के सामने पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जिला कारागार पुरसाड़ी, चमोली भेज दिया गया.
पुलिस ने श्रद्धालुओं से की सावधानी बरतने की अपील
पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने कहा कि ऑनलाइन हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर होने वाली ठगी के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया पेजों को चिन्हित कर ब्लॉक कराया जा रहा है और साइबर ठगी के मामलों में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है. पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग करते समय विशेष सावधानी बरतें. किसी भी अनजान वेबसाइट, सोशल मीडिया पेज या मोबाइल नंबर से बुकिंग करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जरूर जांच लें. बाबा केदार के दर्शन की चाह में की गई छोटी सी लापरवाही श्रद्धालुओं की मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है. फिलहाल रुद्रप्रयाग पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. 600 से ज्यादा फर्जी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ब्लॉक किए जा चुके हैं, कई मोबाइल नंबर बंद कराए गए हैं और एक मामले में आरोपी को जेल भेजा गया है.
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