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Kerala High Court: कक्षा में अनुशासन बनाए रखने के लिए छात्र की पिटाई आपराधिक कार्यवाही नहीं- कोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने एक टीचर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया. टीचर पर आरोप था कि उसने छात्र को बेंत से पीटा था. कोर्ट ने कहा कि क्लास में अनुशासन बनाए रखने के लिए टीचर ने न्यूनतम बल का प्रयोग किया था. छात्रों के माता-पिता टीचर के इरादों को समझने में विफल रहे. कोर्टने कहा कि जब किसी बच्चे को शिक्षक को सौंपा जाता है तो टीचर द्वारा छात्र को सुधारने के लिए अभिभावकीय अधिकार का प्रयोग करने की निहित सहमति होती है.

Kerala High Court
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 24 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 12:18 PM IST

केरल हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला दिया है. कोर्ट ने टीचर के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है. टीचर पर आरोप था कि उसने छात्रों के बीच झगड़े को खत्म करने के लिए एक छात्र की बेंत से पिटाई की थी. कोर्ट ने कहा कि टीचर ने कक्षा में अनुशासन बनाए रखने के अपने अधिकार क्षेत्र में काम किया था.

टीचर की कार्रवाई नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं- कोर्ट
केरल हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सी. प्रतीप कुमार ने आदेश सुनाते हुए कहा कि टीचर की कार्रवाई छात्रों को सुधारने और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में मदद करने के मकसद से थी, न कि उनको नुकसान पहुंचाने के लिए. इसके बाद कोर्ट ने टीचर के खिलाफ मामला रद्द कर दिया. कोर्ट ने 16 अक्टूबर को फैसला सुनाया था.

न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया- कोर्ट
कोर्ट ने कहा कि इस बार का कोई सबूत नहीं दिया गया कि बच्चों को चोटें आई थीं, जिससे यह संकेत मिलता है कि सिर्फ न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया था. कोर्ट ने पाया कि टीचर का अनुशासन लागू करने के लिए जरूरी सीमा से अधिक नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था और उसने संयम से काम लिया.

कोर्ट ने कहा कि माता-पिता टीचर के इरादों को समझने में विफल रहे. इसके साथ ही कोर्ट ने आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया और टीचर के उचित सीमा के भीतर अनुशासन बनाए रखने के अधिकार की पुष्टि की.

अभिभावकों ने टीचर के खिलाफ दर्ज की थी शिकायत-
यह मामला पलक्कड़ के एक स्कूल शिक्षक से जुड़ा है. वडक्कनचेरी पुलिस ने यह मामला दर्ज किया था. छात्रों के अभिभावकों ने शिकायत दर्ज कराई थी. अभिभावकों की शिकायत थी कि 16 सितंबर 2019 को सुबह 10 बजे कक्षा के दौरान उनके बच्चों को पीटा गया था. शिकायत घटना के 4 दिन बाद 20 सितंबर को दर्ज की गई थी.

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