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देश की नारी शक्ति! IAF की झांकी में दिखीं राफेल की इकलौती महिला फाइटर पायलट, जानिए गोल्डन गर्ल लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह के बारे में

फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह, भारतीय वायु सेना (IAF) राफेल स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट हैं. पिछले साल, फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कंठ भारतीय वायु सेना की झांकी का हिस्सा बनने वाली पहली महिला फाइटर जेट पायलट बनीं थीं.

लेफ्टिनेंट शिवांगी
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 2:34 PM IST
  • बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से हुई है पढ़ाई
  • विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान के साथ भर चुकी हैं उड़ान

इस बार की गणतंत्र दिवस की परेड में ऐसा बहुत कुछ था जो देश ने पहली बार देखा था. इसी कड़ी में इस बार देश की पहली महिला राफेल फाइटर जेट पायलट शिवांगी सिंह भी गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय वायु सेना की झांकी का हिस्सा थीं. वह भारतीय वायु सेना (IAF) की झांकी का हिस्सा बनने वाली दूसरी महिला फाइटर जेट पायलट हैं.

बता दें, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह, भारतीय वायु सेना (IAF) राफेल स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट हैं. पिछले साल, फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कंठ भारतीय वायु सेना की झांकी का हिस्सा बनने वाली पहली महिला फाइटर जेट पायलट बनीं थीं.

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से हुई है पढ़ाई

फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी छोटी उम्र से ही एविएशन की तरफ जाना चाहती थीं.  वाराणसी में स्कूल के बाद, वह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) पढ़ाई करने के लिए चली गयीं, जहां वे राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) में 7 यूपी एयर स्क्वाड्रन का हिस्सा थीं. उन्होंने साइंस में अपनी ग्रेजुएशन की है. इसके बाद वह 2016 में ट्रेनिंग के लिए एयर फाॅर्स अकडेमी चली गईं.  

शिवांगी सिंह फुलवरिया इलाके में रहने वाले कारोबारी कुमारेश्वर सिंह की बेटी हैं. उनके नाना भी भारतीय सेना में थे और उन्हीं से लेफ्टिनेंट शिवांगी को प्रेरणा मिली और वह भी देश की सेवा करने के लिए वायुसेना मे भर्ती हो गईं.

शिवांगी सिंह

विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान के साथ भर चुकी हैं उड़ान 

लेफ्टिनेंट शिवांगी फाइटर पायलटों के दूसरे बैच में 2017 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुई थीं. 2017 में अपनी कमीशनिंग के बाद से ही वे मिग-21 बाइसन उड़ा रही हैं. वे भारत के सबसे प्रसिद्ध फाइटर पायलटों में से एक- विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान के साथ भी उड़ान भर चुकी हैं. 

बचपन में कहती थीं एक दिन मैं भी पायलट की ड्रेस पहनूंगी…

लेफ्टिनेंट शिवांगी की मां सीमा सिंह एक इंटरव्यू में कहती हैं कि उनकी बेटी के मन में डर तो कभी था ही नहीं. शुरू से ही उन्हें जहाजों में रुचि थी. वे बताती हैं कि शिवांगी बच्चों में आसमान में जहाज उड़ता देख बहुत खुश होती थी और अक्सर पायलट का ड्रेस तस्वीरों में देख कर कहती थीं कि एक दिन मैं भी इस ड्रेस को पहनूंगी. इसी हौसले और जज्बे ने शिवांगी को राफेल की इकलौती महिला फाइटर पायलट बना दिया है.  

परेड में भारतीय वायु सेना की झांकी

आपको बता दें, गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय वायु सेना की झांकी 'भविष्य के लिए भारतीय वायु सेना का परिवर्तन' विषय पर आधारित थी. राफेल फाइटर जेट के छोटे मॉडल, देश में विकसित लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) और 3D सर्विलांस रडार अस्लेशा MK-1 फ्लोट भी इस झांकी का हिस्सा थे. इसमें मिग -21 विमान का एक छोटा मॉडल भी शामिल था जिसने 1971 के युद्ध में एक प्रमुख भूमिका निभाई थी, साथ ही साथ भारत के पहले स्वदेशी रूप से विकसित विमान Gnat का एक मॉडल भी इसमें शामिल था.

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