देश में फ्यूल खपत के तरीके को बदलने के लिए सरकार अब पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क को फैलाने पर तेजी से काम कर रही है. इसी दिशा में एक अहम फैसला लेते हुए सरकार उन इलाकों में LPG सिलेंडर की सप्लाई बंद करने पर सोच रही है, जहां पहले से PNG की सुविधा मौजूद है. इसका मकसद देश की ईंधन व्यवस्था को अधिक स्थिर और आधुनिक बनाना है.
खाड़ी देशों में जारी तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के चलते गैस सप्लाई पर असर पड़ा है. ऐसे में सरकार घरेलू और कमर्शियल उपयोग के लिए PNG को एक सुरक्षित और हमेशा अवेलेबल ईंधन के रूप में बढ़ावा दे रही है. इससे आयात की जाने वाली LPG पर निर्भरता कम होगी. लेकिन सवाल पैदा होता है कि अगर PNG का कनेक्शन लेना हो तो इसके लिए कैसे आवेदन कर सकते हैं.
कनेक्शन लेने के लिए सबसे पहले तो आप संबंधित कंपनी की वेबसाइट पर जाकर अपने पते या पिनकोड के जरिए पहले ये चेक करें कि क्या आपके इलाके में PNG मुहैया करवाने की सुविधा है या नहीं. अगर है तो इन स्टेप्स को फॉलो कर आप आसानी से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से किया जा सकता है.
कितना आता है खर्च और कितना लगता है समय?
PNG कनेक्शन के लिए एक सिक्योरिटी डिपॉजिट देना होता है, जो बाद में वापस कर दिया जाता है. उदाहरण के तौर पर IGL में यह राशि लगभग 5,000 से 10,000 रुपए तक हो सकती है. जहां पाइपलाइन पहले से मौजूद है, वहां कनेक्शन 7 से 15 दिनों में मिल जाता है, जबकि नए इलाकों में इसमें अधिक समय लग सकता है.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
PNG कनेक्शन के लिए आधार, पैन, वोटर ID या पासपोर्ट जैसे पहचान पत्र जरूरी होते हैं. पते के प्रमाण के लिए बिजली बिल, किरायानामा या प्रॉपर्टी टैक्स रसीद दी जा सकती है. किरायेदारों को मकान मालिक की ओर से NOC भी जमा करनी होती है. साथ ही पासपोर्ट साइज फोटो भी जरूरी है.
हर घर तक PNG पहुंचाने की तैयारी
हालांकि अभी PNG की पहुंच सभी जगहों तक नहीं है, लेकिन बड़े शहरों और कई विकसित क्षेत्रों में यह तेजी से फैल रही है. सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में देश के अधिकतम हिस्सों तक PNG की सुविधा पहुंचाई जाए, जिससे ईंधन से सिस्टम को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया जा सके.