Cyber Fraud: नौकरी का झांसा देकर खुलवाए 17 म्यूल अकाउंट, 20 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के 5 आरोपी गिरफ्तार

गोंडा पुलिस ने सोलर कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर 17 म्यूल अकाउंट खुलवाकर 20 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का ट्रांजेक्शन कराने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

Gonda Cyber Fraud
अंचल श्रीवास्तव
  • गोंडा,
  • 14 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:08 PM IST

गोंडा पुलिस ने सोलर कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाने और उन्हीं खातों के जरिए देशभर में साइबर ठगी की रकम का लेनदेन कराने वाले पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने 17 म्यूल अकाउंट के जरिए करीब 20 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन कराया था. पुलिस ने मामले में 3 करोड़ 20 लाख रुपये होल्ड कराए हैं. गिरफ्तार आरोपियों में विजय सोनी, दीपक गोयल, देवनारायण मिश्रा, गंगोत्री पांडे और साहबान आलम उर्फ सोनू शामिल हैं. बताया जा रहा है कि विजय सोनी भाजपा के एक प्रकोष्ठ का जिला पदाधिकारी भी रह चुका है.

सोलर कंपनी में नौकरी का झांसा देकर खुलवाते थे बैंक खाते
पुलिस के मुताबिक, पांचों आरोपियों ने एक गैंग बना रखा था. ये बेरोजगार युवकों को सोलर कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे. इसके बाद उनके दस्तावेज लेकर उनके नाम पर बैंक में करंट अकाउंट खुलवाते थे. अकाउंट में पीड़ित का मोबाइल नंबर दर्ज कराने के बजाय अपना या फर्जी सिम का नंबर लिंक कर देते थे, जिससे इंटरनेट बैंकिंग का पूरा नियंत्रण इनके पास रहता था. इतना ही नहीं, पीड़ितों के नाम पर फर्जी उद्यम और जीएसटी पंजीकरण भी करा दिया जाता था.

17 म्यूल अकाउंट से 20 करोड़ रुपये का हुआ ट्रांजेक्शन
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि आरोपी इन खातों का इस्तेमाल म्यूल अकाउंट (भाड़े के खाते) के रूप में करते थे. डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन और अन्य साइबर अपराधों से ठगी गई रकम इन्हीं खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी. जांच में सामने आया कि 17 म्यूल अकाउंट के जरिए करीब 20 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है. साइबर सेल की कार्रवाई के दौरान 3 करोड़ 20 लाख रुपये होल्ड भी कराए गए हैं.

देश के कई राज्यों के लोग बने शिकार
एसपी ने बताया कि आरोपियों के खातों में सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि हरियाणा, लद्दाख, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना समेत कई राज्यों के पीड़ितों की ठगी की रकम पहुंची थी. एनसीआरपी पोर्टल पर इस मामले से जुड़ी कुल 43 शिकायतें दर्ज थीं. साइबर सेल ने तकनीकी जांच के बाद पूरे गिरोह का खुलासा किया.

एफआईआर के बाद हुई कार्रवाई, भारी मात्रा में सामान बरामद
कोतवाली देहात क्षेत्र के वीरेंद्र प्रताप की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि सोलर कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर उनके नाम से बैंक खाता खुलवाया गया और बाद में उसी खाते का इस्तेमाल करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन में किया गया. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 आधार कार्ड, 10 सिम कार्ड, 8 नकली मोहर, 6 मोबाइल फोन और कई जाली दस्तावेज बरामद किए हैं.

अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि पांचों आरोपी गोंडा जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं. इनके कुछ अन्य साथी भी इस पूरे साइबर फ्रॉड और म्यूल अकाउंट नेटवर्क में शामिल हैं, जिनकी तलाश की जा रही है. कोतवाली नगर पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है.
 

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