दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सफर होगा आसान, मुकुंदरा टनल ट्रायल के लिए तैयार... सुविधाएं जान आप भी हो जाएंगे हैरान

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है. कोटा के पास बनी देश की सबसे लंबी 4.9 किलोमीटर मुकुंदरा टनल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. अब इसे 15 मई से ट्रायल के तौर पर खोलने की तैयारी है.

Longest tunnel on Delhi-Mumbai
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 04 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:51 AM IST

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है. कोटा के पास बनी देश की सबसे लंबी 4.9 किलोमीटर मुकुंदरा टनल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. अब इसे 15 मई से ट्रायल के तौर पर खोलने की तैयारी है. इस टनल के शुरू होने से वाहन चालकों को लंबे समय से हो रही परेशानी से छुटकारा मिलेगा और यात्रा पहले से कहीं ज्यादा तेज और सुरक्षित हो जाएगी.

अब नहीं उतरना पड़ेगा एक्सप्रेसवे से नीचे
अब तक मुकुंदरा क्षेत्र में टनल का काम अधूरा होने की वजह से वाहनों को एक्सप्रेसवे से नीचे उतरकर स्टेट हाईवे से गुजरना पड़ता था. इससे यात्रियों का काफी समय बर्बाद होता था और जाम की समस्या भी सामने आती थी. लेकिन टनल के चालू होते ही यह समस्या खत्म हो जाएगी. वाहन सीधे एक्सप्रेसवे पर ही बिना रुके अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे.

आधुनिक तकनीक से बनी है टनल
यह टनल दिल्ली-वडोदरा ग्रीन फील्ड अलाइनमेंट पर बनाई गई है. इसका निर्माण न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड यानी NATM तकनीक से किया गया है, जो दुनिया भर में सुरक्षित और मजबूत निर्माण के लिए जानी जाती है. इस तकनीक की खासियत यह है कि यह अलग-अलग भूगर्भीय परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल सकती है और लंबे समय तक टिकाऊ रहती है.

बड़ा और सुरक्षित डिजाइन
टनल को आठ लेन के एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के रूप में तैयार किया गया है. इसमें दो अलग-अलग टनल ट्यूब बनाई गई हैं, जिससे दोनों दिशाओं में ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहेगा. हर ट्यूब की चौड़ाई लगभग 22 मीटर तक रखी गई है और कैरिजवे करीब 19 मीटर चौड़ा है.
आपात स्थिति से निपटने के लिए हर 375 मीटर पर क्रॉस पैसेज बनाए गए हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर लोग आसानी से दूसरी ट्यूब में जा सके.

मजबूत फायर सेफ्टी सिस्टम
टनल में आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अत्याधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम लगाया गया है. इसमें फायर एक्सटिंग्विशर, होज रील और हाइड्रेंट सिस्टम शामिल हैं. साथ ही लीनियर हीट डिटेक्शन सिस्टम लगाया गया है, जो तापमान बढ़ने पर तुरंत अलर्ट भेजता है. इससे आग का समय रहते पता लगाया जा सकेगा और नुकसान कम होगा. पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए जरूरत पड़ने पर यात्रियों को तुरंत जानकारी दी जा सकेगी.

बेहतर वेंटिलेशन और निगरानी
टनल के अंदर हवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जेट फैन लगाए गए हैं, जो धुआं और प्रदूषण को नियंत्रित करते हैं. इससे अंदर विजिबिलिटी भी बनी रहती है. सुरक्षा के लिए वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम लगाया गया है. इसमें पीटीजेड, बुलेट और डोम कैमरे शामिल हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रखते हैं और किसी भी दुर्घटना या असामान्य स्थिति का तुरंत पता लगा लेते हैं.

इमरजेंसी सुविधा और पावर बैकअप
टनल में जगह-जगह SOS कॉल बॉक्स लगाए गए हैं, जिससे आपात स्थिति में सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क किया जा सकता है. इसके अलावा SCADA सिस्टम के जरिए पूरे टनल की निगरानी और संचालन किया जाएगा. बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए 11 केवी डीजी सेट लगाए गए हैं. साथ ही यूपीएस और बैटरी बैकअप की व्यवस्था है, जो कम से कम 2 घंटे तक जरूरी सिस्टम को चालू रखेगा.

सफर होगा तेज और सुरक्षित
मुकुंदरा टनल के शुरू होने से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर यात्रा न केवल तेज होगी बल्कि पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित भी बनेगी. यह टनल आधुनिक तकनीक और सुरक्षा सुविधाओं का बेहतरीन उदाहरण है, जो देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

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