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एयरस्ट्राइक के बीच आखिर कॉल जिसपर टूटा परिवार से संपर्क, जानें गीताबेन की कहानी

गीताबेन जो 63 साल की हैं वह लंबे समय से अमेरिका में रह रही थी. आखिर बार जब उनकी बात परिवार से हुई, तो उन्होंने बस इतना कहा "मैं ठीक हूं, हमें कहीं ले जाया जा रहा है." इसके बाद से उनका फोन अचानक बंद हो गया. फिलहाल परिवार परेशान है.

फोन पर टूटा संपर्क अमेरिका-ईरान युद्ध में फंसी गीताबेन
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 02 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 3:10 PM IST

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच टकराव की खबरों के बीच इसका असर अब भारत तक महसूस किया जा रहा है. मामला गुजरात के आणंद का है, जहां एक परिवार की खुशियां उस समय चिंता में बदल गईं, जब उनकी 63 वर्षीय मां कुवैत एयरपोर्ट पर फंस गईं.

गीताबेन मुकुंदराय पटेल, जो लंबे समय से अमेरिका में रह रही थीं, कुछ दिनों पहले अपने परिजनों से मिलने भारत आई थीं. उन्हें अहमदाबाद से कुवैत के रास्ते अमेरिका लौटना था, लेकिन उनका यह सफर अचानक अनिश्चितता में बदल गया.

कुवैत एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल
परिवार के अनुसार, गुरुवार को गीताबेन ने अहमदाबाद से कुवैत एयरलाइंस की फ्लाइट ली. उनकी यात्रा सामान्य थी और वे कुवैत पहुंच गईं. उन्हें वहां से कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़कर अमेरिका जाना था.

लेकिन जैसे ही वे कुवैत एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर इंतजार कर रही थीं, उसी दौरान कथित तौर पर एयरस्ट्राइक की घटना हुई. अचानक अफरा-तफरी मच गई. यात्रियों में भगदड़ की स्थिति बन गई और सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट प्रशासन ने सभी यात्रियों को तत्काल एक निजी होटल में शिफ्ट कर दिया. बताया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद गीताबेन को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया, लेकिन परिवार से उनका संपर्क टूट गया है.

आखिरी कॉल ने बढ़ाई चिंता
गुरुवार शाम करीब 6 बजे परिवार को गीताबेन का आखिरी फोन आया था. कांपती आवाज में उन्होंने सिर्फ इतना कहा, "मैं ठीक हूं, हमें कहीं ले जाया जा रहा है." इसके बाद से उनका फोन बंद है.

पति मुकुंद पटेल और पूरा परिवार तब से बेहद परेशान है. वे लगातार टीवी चैनलों और मोबाइल पर अपडेट देखते रहे हैं, इस उम्मीद में कि कोई सकारात्मक खबर मिले. घर में बेचैनी का माहौल है और हर बीतता पल चिंता को और बढ़ा रहा है.

सरकार से मदद की गुहार
परिवार ने अब भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से मदद की अपील की है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से हस्तक्षेप की मांग की है. उनकी एक ही मांग है कि मौजूदा हालात को देखते हुए उनकी बुजुर्ग मां को या तो सुरक्षित अमेरिका पहुंचाया जाए या फिर भारत वापस लाया जाए.

परिवार का कहना है कि इस उम्र में ऐसे तनावपूर्ण हालात में फंसना किसी भी व्यक्ति के लिए बेहद कठिन है. वे चाहते हैं कि सरकार जल्द से जल्द उनकी मां का पता लगाए और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे.

हजारों भारतीयों की सुरक्षा पर भी सवाल
यह मामला सिर्फ एक परिवार की चिंता तक सीमित नहीं है. मौजूदा अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच कई भारतीय नागरिक मिडिल ईस्ट के देशों के ट्रांजिट रूट से यात्रा करते हैं. ऐसे हालात में उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.

परिवार को उम्मीद है कि सरकार उनकी अपील पर ध्यान देगी और जल्द ही कोई राहतभरी खबर मिलेगी. फिलहाल, आणंद का यह परिवार सिर्फ एक फोन कॉल का इंतजार कर रहा है, जो उनकी 'गीता' के सुरक्षित होने की पुष्टि कर सके.

 

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