लखनऊ में साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर एक सेवानिवृत्त कर्नल की जिंदगी भर की कमाई पर हाथ साफ कर दिया. गोमतीनगर विस्तार निवासी रिटायर्ड कर्नल सुरेंद्र कुमार सिंह को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए जाल में फंसाया गया और उनसे कुल 23.10 लाख रुपये ठग लिए गए. शुरुआत में निवेश पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद दिखाया गया, लेकिन बाद में पूरा मामला साइबर ठगी निकला.
दिसंबर 2025 में व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया
पीड़ित कर्नल के अनुसार, दिसंबर 2025 में उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया. इस ग्रुप का नाम 'के-885 स्टॉको टेक ट्रेड यूनिट' बताया गया था. ग्रुप में करीब 125 सदस्य शामिल थे. इसे 'साउथ एशियन स्टॉक लिमिटेड' नाम की कंपनी द्वारा संचालित बताया गया. ग्रुप में मौजूद लोग खुद को कंपनी के एमडी और अधिकारी बता रहे थे और रोजाना निवेश से जुड़े टिप्स साझा कर रहे थे.
भरोसा जीतने के लिए किए गए मुनाफे के दावे
ग्रुप में लगातार यह दावा किया जा रहा था कि शेयर ट्रेडिंग से कम समय में बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है. स्क्रीनशॉट, मुनाफे के आंकड़े और अन्य सदस्यों के फायदे दिखाकर भरोसा दिलाया गया. इन्हीं दावों के झांसे में आकर रिटायर्ड कर्नल ने निवेश करने का फैसला किया.
अलग-अलग तारीखों में ट्रांसफर की गई बड़ी रकम
पीड़ित के मुताबिक, 28 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 के बीच उन्होंने अपने बैंक खाते से 13 लाख रुपये ट्रांसफर किए. इसके बाद 11 जनवरी 2026 को उन्होंने 10.10 लाख रुपये और भेज दिए. इस तरह कुल 23.10 लाख रुपये अलग-अलग खातों में जमा कराए गए. ये सभी खाते यश बैंक के बताए जा रहे हैं.
पैसा निकालने पर सामने आया ठगी का सच
जब 12 जनवरी 2026 को कर्नल ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की, तो न तो पैसा निकला और न ही ग्रुप के किसी सदस्य से संपर्क हो सका. इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं. व्हाट्सएप ग्रुप भी निष्क्रिय हो गया और सभी नंबर बंद मिलने लगे.
साइबर हेल्पलाइन और थाने में दर्ज कराई शिकायत
घटना के बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई. साथ ही लखनऊ साइबर क्राइम थाने में एफआईआर कराई गई. साइबर क्राइम थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है.
बैंक खातों और ठग नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस के मुताबिक, जिन बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ है, उनकी जांच की जा रही है. साथ ही इस ठगी में शामिल पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है. पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है ताकि ठगों तक जल्द पहुंचा जा सके.
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