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Madras High Court: गैर-हिंदुओं की मंदिरों में एंट्री को लेकर मद्रास हाईकोर्ट का बड़ा आदेश- पिकनिक स्पॉट नहीं हैं मंदिर

Tamil Nadu सरकार ने इस आदेश को सिर्फ पलानी मंदिर तक सीमित रखने का अनुरोध किया था. लेकिन मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि यह एक बड़ा मुद्दा है. इसलिए यह आदेश राज्य के सभी मंदिरों पर लागू होगा. आपको बता दें कि पलानी मंदिर में गैर-हिंदुओं को प्रवेश नहीं दिए जाने को लेकर याचिका दायर की गई थी.

Madras High Court (Photo/Wikipedia)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 31 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 2:04 PM IST

तमिलनाडु के मंदिरों में गैर-हिंदुओं की एंट्री को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. हाईकोर्ट ने कहा कि मंदिर कोई पर्यटक स्थल या पिकनिक स्पॉट नहीं है. गैर-हिंदू तमिलनाडु के मंदिरों में प्रवेश नहीं कर सकते हैं. इतना ही नहीं, कोर्ट ने धार्मिक संस्थानों को सभी मंदिरों में बोर्ड लगाने का आदेश दिया है. इन बोर्डों पर लिखा जाएगा कि ध्वजस्तंभ क्षेत्र (कोडिमारम) के आगे गैर-हिंदुओं को मंदिर में एंट्री की इजाजत नहीं है.

मंदिर में गैर-हिंदुओं की नो एंट्री
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के मंदिरों में गैर-हिंदुओं की एंट्री को लेकर अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार के हिंदू धर्म और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग को सभी हिंदू मंदिरों में बोर्ड लगाने का आदेश दिया है, जिसपर ये लिखा होगा कि गैर-हिंदू को ध्वजस्तंभ क्षेत्र के आगे जाने की इजाजत नहीं है. कोर्ट ने कहा कि हिंदुओं को भी अपने धर्म को मानने और उसका पालन करने का अधिकार है.

गैर-हिंदुओं को मंदिर में शपथपत्र देना होगा
हाईकोर्ट ने कहा कि अगर कोई गैर-हिंदू मंदिर में जाता है तो अधिकारी उस व्यक्ति से एक शपथपत्र लेंगे. इसमें गैर-हिंदू को ये लिखकर देना होगा कि उन्हें भगवान में विश्वास है और वह हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों और प्रथाओं का पालन करेंगे. उन गैर-हिंदुओं को मंदिर के रीति-रिवाजों का पालन करना होगा, जो मंदिर में जाएंगे.

सेंथिल कुमार ने दायर की थी याचिका
हाईकोर्ट ने यह आदेश डी. सेंथिल कुमार नामक एक शख्स की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया. सेंथिल कुमार ने अपनी याचिका में डिंडीगुल जिले में पलानी स्थित धनदायुतपानी स्वामी मंदिर में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग थी. सेंथिल कुमार ने सभी मंदिरों के एंट्री गेट पर बोर्ड लगाने का आदेश देने की भी मांग की थी, जिसमें गैर-हिंदुओं की एंट्री नहीं होने की बात लिखी हो. 

कोर्ट ने सेंथिल कुमार की याचिका स्वीकार की और मंदिर के एंट्री गेट, ध्वजस्तंभ के पास और मंदिर में प्रमुख जगहों पर बोर्ड लगाने का निर्देश दिया. जिसपर लिखा होगा कि गैर-हिंदुओं को मंदिर के भीतर कोडिमारम के आगे जाने की इजाजत नहीं है. हाई कोर्ट ने ये भी कहा कि उन गैर-हिंदुओं को अनुमति न दें, जो हिंदू धर्म में विश्वास नहीं करते हैं.

क्यों दायर की गई याचिका-
याचिका दायर करने वाले सेंथिल कुमार मंदिर की तलहटी में एक दुकान चलाते हैं. उन्होंने कहा कि कुछ गैर-हिंदुओं ने मंदिर में जबरन घुसने की कोशिश की थी जो वहां पिकनिक मनाने आए थे. जब अधिकारियों से उनकी बहस हुई तो उन्होंने कहा कि ये एक पर्यटक स्थल है और यहां कहीं भी नहीं लिखा है कि गैर-हिंदुओं को प्रवेश की अनुमति नहीं है.

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