नेपाल स्थित पवित्र वाल्मीकि आश्रम से दर्शन-पूजन कर लौट रहे 11 श्रद्धालुओं की जान मंगलवार सुबह उस समय संकट में पड़ गई, जब वे उफान पर बह रही तमसा नदी पार करते समय तेज बहाव में फंस गए. श्रद्धालुओं की चीख-पुकार सुनकर सहोदरा क्षेत्र के आधा दर्जन युवाओं ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए मानव श्रृंखला बनाई और सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. युवाओं की इस बहादुरी की पूरे इलाके में सराहना हो रही है.
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के पनियारा क्षेत्र से 11 श्रद्धालुओं का एक दल नेपाल स्थित वाल्मीकि आश्रम में दर्शन-पूजन के लिए गया था. वापसी के दौरान लगातार बारिश के कारण तमसा नदी उफान पर थी. नदी पार करते समय अचानक तेज बहाव में श्रद्धालुओं का संतुलन बिगड़ गया और सभी बीच धारा में फंस गए.
चीख-पुकार सुन युवाओं ने दिखाई बहादुरी
श्रद्धालुओं की मदद की गुहार सुनकर वाल्मीकि आश्रम से लौट रहे सहोदरा क्षेत्र के आधा दर्जन युवाओं ने बिना अपनी जान की परवाह किए नदी में छलांग लगा दी. युवाओं ने मानव श्रृंखला बनाकर एक-एक श्रद्धालु को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया. उनकी तत्परता और साहस के कारण एक बड़ा हादसा टल गया.
तीन बच्चे समेत सभी श्रद्धालु सुरक्षित
बचाए गए श्रद्धालुओं में तीन पुरुष, पांच महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं. सुरक्षित बाहर निकलने के बाद सभी ने राहत की सांस ली और युवाओं का आभार जताया. श्रद्धालुओं ने कहा कि यदि समय पर मदद नहीं मिलती, तो बड़ा हादसा हो सकता था. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने युवाओं की बहादुरी की जमकर सराहना की. लोगों का कहना है कि संकट की घड़ी में अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जिंदगी बचाना मानवता की सबसे बड़ी मिसाल है.
प्रशासन ने की सावधानी बरतने की अपील
लगातार बारिश के कारण तमसा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है. स्थानीय लोगों और प्रशासन ने श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों से अपील की है कि तेज बहाव के दौरान नदी पार करने से बचें और आवश्यकता होने पर पूरी सावधानी बरतें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके.
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