महाराष्ट्र के नागपुर में पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. लोग अपनी गाड़ियों को लेकर पेट्रोल भरवाने पहुंच रहे हैं. यह स्थिति इसलिए बनी है क्योंकि पेट्रोल की कमी के चलते शहर के कई पंप सोमवार रात से ही बंद हो गए. इसके बाद मंगलवार सुबह से लोगों में पैनिक फैल गया और पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं.
तेल कंपनियों की नई भुगतान व्यवस्था से बढ़ी परेशानी
दरअसल, तेल कंपनियों द्वारा क्रेडिट लिमिट (उधारी) बंद कर केवल अग्रिम भुगतान लेने के निर्देश जारी किए गए हैं.
17 मार्च से सभी पेट्रोल पंपों को उधारी बंद कर दी गई है और तुरंत भुगतान की शर्त लागू कर दी गई है. अब 21 मार्च से पूरा अग्रिम भुगतान किए बिना सप्लाई नहीं मिलेगी.
इसी वजह से टैंकरों की आवाजाही कम हो गई है और पेट्रोल की उपलब्धता पर असर पड़ा है. पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि अचानक लागू हुई इस व्यवस्था से वे आर्थिक रूप से मुश्किल में आ गए हैं, जिससे कई पंपों पर सप्लाई बाधित हुई है.
आपूर्ति रुकने से लोगों में बढ़ी दहशत
सप्लाई बाधित होने के कारण कई पंपों का स्टॉक खत्म हो गया है. इससे लोगों में डर और बढ़ गया कि कहीं पूरे शहर में पेट्रोल उपलब्ध न रहे. परिणामस्वरूप, जिन पंपों पर पेट्रोल उपलब्ध है, वहां वाहनों की भारी भीड़ और लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. लोग सुबह से लाइन में खड़े हैं और सोशल मीडिया पर भी पेट्रोल संकट की चर्चाएं तेज हो गई हैं, जिससे अफवाहें और भय और अधिक बढ़ रहा है.
पेट्रोल पंप मालिकों ने मांगा समाधान
इस बीच पेट्रोल पंप मालिकों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की है. पेट्रोल पंप मालिकों और एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने नागपुर के जिलाधिकारी (Collector) के साथ बैठक भी की है, ताकि संकट का त्वरित समाधान खोजा जा सके. उनका कहना है कि आर्थिक दिक्कतों और अचानक हुए बदलाव के कारण पंपों पर संचालन में दिक्कत आ रही है, इसलिए सरकार या जिला प्रशासन को तेल कंपनियों से बात कर किसी अस्थायी राहत का प्रावधान करना चाहिए.
जिलाधिकारी ने की पैनिक न करने की अपील
नागपुर के जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे अफरा-तफरी न मचाएं और पैनिक न करें. जिलाधिकारी के अनुसार, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक जिले में उपलब्ध है. केवल कुछ पेट्रोल पंपों का स्टॉक खत्म हुआ है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे जिले में ईंधन की कमी है. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह फैला रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
(रिपोर्ट- योगेश वसंत पांडे)
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