गुजरात के महीसागर जिले के लूणावाडा में जीबीएस (GBS) बीमारी के संदिग्ध लक्षणों को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार हॉस्टल्स में सघन हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान चला रही हैं. इसी जांच के दौरान लूणावाडा के बख्शीपंच कुमार हॉस्टल में 6 छात्रों की अचानक तबीयत बिगड़ गई. उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी बच्चों को 108 एम्बुलेंस के जरिए लूणावाडा जनरल अस्पताल में भर्ती कराया.
हेल्थ स्क्रीनिंग के दौरान सामने आया मामला
लूणावाडा में जीबीएस बीमारी के लक्षण सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार जांच कर रही हैं. इसी के तहत लूणावाडा अर्बन हेल्थ की टीम शहर के दो हॉस्टल्स में बच्चों की हेल्थ स्क्रीनिंग करने पहुंची थी. लूणावाडा शहर में चार कोशिया नाका स्थित बख्शीपंच कुमार हॉस्टल में जांच के दौरान वहां मौजूद 7 में से 6 बच्चों में उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द के लक्षण पाए गए. स्वास्थ्य कर्मियों ने बिना किसी देरी के 108 एम्बुलेंस बुलाई और सभी बच्चों को इलाज के लिए लूणावाडा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया. बीमार छात्रों में 2 बच्चों की उम्र 10 और 12 वर्ष है, जबकि 4 छात्र 17 वर्ष के हैं और 12वीं कक्षा में पढ़ते हैं.
खिचड़ी खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
पीड़ित छात्र प्रवीण तावियाड ने बताया कि हॉस्टल में कुल 18 छात्र रहते हैं. खाना खाने के बाद 6 से 7 लड़कों को पेट में दर्द और दस्त की शिकायत होने लगी. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की गाड़ी से उन्हें कॉटेज अस्पताल लाया गया.
वहीं पीड़ित छात्र मेहुल बामणीया ने बताया कि वह बख्शीपंच कुमार हॉस्टल में रहता है और 12वीं कक्षा का छात्र है. उसके मुताबिक, हॉस्टल में खिचड़ी खाने के बाद उसके पेट में तेज दर्द होने लगा. तकलीफ ज्यादा बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया.
RCHO ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा
घटना की जानकारी मिलते ही जिले के RCHO डॉ. सुभाष चंद्र ढाका खुद अस्पताल पहुंचे और बच्चों के स्वास्थ्य का जायजा लिया. उन्होंने बच्चों से हॉस्टल में मिले खाने और बीमारी की शुरुआत के समय को लेकर विस्तार से जानकारी ली. डॉ. सुभाष चंद्र ढाका के मुताबिक, लूणावाडा अर्बन हेल्थ टीम हॉस्टल में रूटीन हेल्थ स्क्रीनिंग कर रही थी. इसी दौरान बख्शीपंच हॉस्टल के 6 बच्चों में उल्टी और दस्त के लक्षण मिले. टीम ने तुरंत 108 के जरिए सभी बच्चों को जनरल अस्पताल में भर्ती कराया. प्राथमिक तौर पर यह दूषित भोजन का मामला लग रहा है. सभी बच्चों का उपचार जारी है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर है.
खिचड़ी खाने के बाद बीमार पड़े छात्र, जांच जारी
स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से बच्चों को समय पर इलाज मिल गया और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. हालांकि, हॉस्टल में खिचड़ी खाने के बाद एक साथ इतने बच्चों के बीमार पड़ने से वहां दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. प्रशासन की ओर से पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है.
(रिपोर्ट- वीरेन कुमार जोशी)
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