अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दान व्यवस्था और बैंकिंग सिस्टम में बड़े बदलाव किए हैं. ट्रस्ट का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य दान प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है. अब मंदिर के बैंक खातों का संचालन एक व्यक्ति के बजाय तीन अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं की संयुक्त मंजूरी से होगा. वहीं दान पेटियों से मिलने वाली राशि की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से अधिक मजबूत कर दी गई है.
राम मंदिर ट्रस्ट ने बैंक खातों के संचालन की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. अब कार्यकारी महासचिव कृष्ण मोहन के साथ उनके दो सहयोगी जगदीश और चंदन राय को भी अधिकृत हस्ताक्षर कर्ता बनाया गया है. नई व्यवस्था के तहत बैंक खातों से जुड़े किसी भी वित्तीय लेनदेन के लिए तीनों के संयुक्त हस्ताक्षर जरूरी होंगे. यानी अब किसी एक व्यक्ति के हस्ताक्षर से बैंकिंग प्रक्रिया पूरी नहीं होगी.
अब तक बैंकिंग व्यवस्था की जिम्मेदारी ट्रस्टी अनिल मिश्रा के पास थी और बैंक में उनके हस्ताक्षर ही मान्य थे. वहीं ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी के डिजिटल हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया जाता था. ट्रस्ट का मानना है कि नई व्यवस्था से वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही और मजबूत होगी.
दान गणना स्थल पर बढ़ाई गई सुरक्षा
ट्रस्ट ने दान की गिनती की पूरी प्रक्रिया को भी अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं. अब दान गणना स्थल पर कुल 43 लोग मौजूद रहेंगे, ताकि हर चरण की निगरानी कई स्तरों पर हो सके. इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 13 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. जिन स्थानों पर पहले कैमरे नहीं थे, वहां भी अब निगरानी की व्यवस्था कर दी गई है. इससे दान पेटी से लेकर नकदी की गिनती तक हर गतिविधि कैमरों की नजर में रहेगी.
दान पेटी से गणना स्थल तक रहेगी कड़ी निगरानी
नई व्यवस्था के तहत दान पेटियों से नकदी को गणना स्थल तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए 27 एसआईएस सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है. इसके अलावा पुलिस बल भी पूरे रास्ते पर मौजूद रहेगा. दान पेटी और गणना स्थल के बीच आने वाले अलग-अलग पिलरों पर पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे. खास तौर पर पिलर नंबर 34 के पास तीन अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, क्योंकि वहां गुप्त दान पेटी रखी गई है. ट्रस्ट का कहना है कि इन सभी बदलावों का उद्देश्य दान प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है, ताकि श्रद्धालुओं का भरोसा और मजबूत हो सके.
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