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Ghaziabad News: खड़े किए 3 फर्जी रेस्टोरेंट, स्विगी पर करता था धोखाधड़ी... टेलीग्राम से मिलीं लोगों के क्रेडिट कार्ड डिटेल

एक ठग ने स्विगी पर फर्जी रेस्टोरेंट खोलकर 52 क्रेडिट कार्ड से करीब 30 लाख की साइबर ठगी कर ली. गाजियाबाद में बीकॉम पास युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है. ग्राहकों को वह बैंक अधिकारी बनकर कॉल करता और ओटीपी मांगता था.

ठगी करने वाला आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
मयंक गौड़
  • गाजियाबाद,
  • 20 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:03 AM IST

गाजियाबाद में ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी एक अनोखा मामला सामने आया है. दरअसल यहां पर एक फर्जी रेस्टोरेंट बनाकर क्रेडिट कार्ड धारकों से साइबर ठगी करने वाले 21 वर्षीय युवक को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार आरोपी ने एक्सिस बैंक के 52 क्रेडिट कार्ड की डिटेल हासिल कर करीब 30 लाख रुपए का साइबर फ्रॉड किया. आरोपी फर्जी रेस्टोरेंट के नाम पर खुद ही ऑर्डर जनरेट करता और क्रेडिट कार्ड धारकों से हासिल ओटीपी के जरिए उसका भुगतान कराता था. इसके बाद रेस्टोरेंट से ऑर्डर की फर्जी डिलीवरी दिखाकर स्विगी से रकम अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करा लेता था.

यूट्यूब वीडियो देख मन में चली खुराफात

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोहतक निवासी गर्वित के रूप में हुई है. वह वैशाली के सेक्टर-3 में रह रहा था और पहले टेक महिंद्रा में कस्टमर केयर की नौकरी करता था. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे यूट्यूब पर वीडियो देखने के दौरान इस तरह साइबर फ्रॉड करने का तरीका पता चला. इसके बाद उसने ‘श्याम की रसोई’ और ‘राधा की रसोई’ के नाम से फर्जी रेस्टोरेंट बनाए और उनके लिए एफएसएसएआई पंजीकरण प्रमाणपत्र भी हासिल किए.

टेलीग्राम ने मिली क्रेडिट कार्डों का डिटेल 

जांच में सामने आया कि आरोपी को टेलीग्राम पर ‘FAST OTP BOT’ चैनल के बारे में जानकारी मिली, जहां से उसे क्रेडिट कार्ड धारकों का डाटा और अन्य जानकारी मिलती थी. पुलिस के अनुसार आरोपी ने इसी माध्यम से एक्सिस बैंक के 52 क्रेडिट कार्ड की डिटेल हासिल की. इसके बाद उसने अपने मोबाइल नंबर और बैंक खाते से फर्जी रेस्टोरेंट को स्विगी पर रजिस्टर किया.

कैसे करता था धोखाधड़ी?

आरोपी क्रेडिट कार्ड धारकों को जियो-जॉइन एप के जरिए वाई-फाई कॉलिंग करता था और खुद को एक्सिस बैंक का ग्राहक सेवा अधिकारी बताता था. वह क्रेडिट कार्ड पर लगे सर्विस चार्ज या लेट पेमेंट हटाने के नाम पर ‘सर्विस रिक्वेस्ट’ के लिए ओटीपी मांगता था. प्राप्त ओटीपी का इस्तेमाल वह अपने फर्जी रेस्टोरेंट के नाम पर स्विगी ऑर्डर का भुगतान करने में करता था. इसके बाद फर्जी रेस्टोरेंट से ऑर्डर की डिलीवरी पूरी दिखाकर स्विगी से सर्विस चार्ज काटने के बाद शेष रकम अपने बैंक खाते में मंगवा लेता था. बाद में रकम एटीएम और चेक के माध्यम से निकाल ली जाती थी.

खोले तीन फर्जी रेस्टोरेंट

पुलिस के मुताबिक ‘श्याम की रसोई’ पर शिकायत आने के बाद आरोपी ने ‘राधा की रसोई’ के नाम से दूसरा रेस्टोरेंट बनाया. इसे स्विगी ने बैन किया तो उसने ‘खाना खजाना’ नाम से नया फर्जी रेस्टोरेंट रजिस्टर कर लिया और इसी के जरिए ठगी जारी रखी. पुलिस ने बताया कि 17 सितंबर को आरोपी ने एम. श्रीनिवास के क्रेडिट कार्ड से 38 हजार रुपए का स्विगी ऑर्डर अपने फर्जी रेस्टोरेंट के नाम पर जनरेट कर साइबर फ्रॉड किया था.

पुलिस कर रही और आरोपियों की खोज

साइबर क्राइम पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल चार मोबाइल फोन, एक टैबलेट और एक लैपटॉप बरामद किया है. बरामद उपकरणों में ‘FAST OTP BOT’ टेलीग्राम चैनल की चैट, क्रेडिट कार्ड की डिटेल वाली गूगल शीट, फर्जी रेस्टोरेंट के एफएसएसएआई दस्तावेज और ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबरों से संबंधित साक्ष्य मिले हैं. पुलिस इनकी जांच कर रही है.

पुलिस के अनुसार टेलीग्राम चैनल के जरिए चोरी किया गया डाटा उपलब्ध कराने के बदले जिन क्यूआर कोड पर भुगतान किया गया, उनकी जानकारी और टेलीग्राम यूजर आईडी के आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है. मामले में आगे की कार्रवाई जारी है.

 

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