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Mandi News: छोटी काशी मंडी में रचा गया इतिहास! देश में पहली बार ड्रोन से हुई तिरंगे की डिलिवरी

डाक विभाग ने देश के इतिहास में पहली बार ड्रोन के माध्यम से तिरंगे की डिलिवरी दी. डाक विभाग ने मंडी से रेहड़धार तक ड्रोन के माध्यम से आर्मी वेटरन तक तिरंगा पहुंचाया. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी वीसी के माध्यम से जुड़े रहे.

India First Flag Delivery by Drone
धर्मवीर
  • मंडी,
  • 15 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:53 AM IST

India First Flag Delivery by Drone: आजादी के महोत्सव को लेकर देश में कुछ ऐसे आयाम भी स्थापित किए गए जो इतिहास बन गए. ऐसा ही एक आयाम स्थापित हुआ छोटी काशी मंडी में. यहां डाक विभाग ने देश के इतिहास में पहली बार ड्रोन के माध्यम से तिरंगे की डिलिवरी दी. यह देश में पहली बार हुआ जब डाक विभाग ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए तिरंगे को आर्मी वेटरन के घर तक पहुंचाया.

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इस ऐतिहासिक पल के बने गवाह 
14 अगस्त को इस डिलिवरी के दौरान केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे और इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने. उन्होंने वर्चुअल माध्यम से तिरंगे की पहली ड्रोन डिलिवरी का उद्घाटन किया. डाक विभाग ने यह डिलीवरी मंडी हेड पोस्ट ऑफिस से रेहड़धार ब्रांच पोस्ट ऑफिस तक की. रेहड़धार ब्रांच पोस्ट ऑफिस पर तैनात डाक विभाग की टीम ने तिरंगे के पार्सल को रिसिव किया और इसे सेना के एक वेटरन को डिलिवर किया. भारतीय डाक द्वारा तिरंगे की अपनी तरह की यह पहली ड्रोन डिलीवरी है. यह ऐतिहासिक कदम यह दर्शाता है कि कैसे उभरती हुई आधुनिक तकनीक भारतीय डाक के बड़े फिजिकल नेटवर्क की पूरक बन सकती है.

150 चिह्नित मार्गों पर ड्रोन आधारित डाक ट्रांसमिशन
यह टेक्नोलॉजी खास तौर से दूर-दराज और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में लास्ट माइल कनेक्टिविटी को ज्यादा मजबूत कर सकती है. डाक विभाग ने भविष्य के लिए एक बड़ी योजना तैयार की है. इस योजना के तहत हिमाचल प्रदेश और असम में 150 चिह्नित मार्गों पर ड्रोन आधारित डाक ट्रांसमिशन की तैनाती की जाएगी. इस पहल का अहम उद्देश्य कठिन रास्तों और दुर्गम इलाकों में कनेक्टिविटी को मजबूत करना और मेल डिलीवरी को कुशल बनाना है.


 

 

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