Advertisement

महिलाओं से ज्यादा सुसाइड करते हैं शादीशुदा पुरुष, NCRB के एक आंकड़े से सामने आया तथ्य

वीडियो में अतुल ने अपनी पत्नी के साथ हुए विवाद के बारे में बताया है और कहा है कि उन्हें अपनी पत्नी और ससुराल के लोगों ने बहुत परेशान किया है. जिसके बाद अब इस मामले ने तुल पकड़ लिया है. पुलिस लगातार मामले की जांच में लगी हुई है.

Suicide cases in India
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 12 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 3:32 PM IST
  • पुरुषों के साथ होती है हिंसा!
  • सिर्फ भारत की नहीं बल्कि पूरी दुनिया का है मामला

बेंगलुरु में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक AI इंजीनियर ने सुसाइड कर ली. मृतक की पहचान अतुल सुभाष के रूप में की गई, अतुल एक प्राइवेट कंपनी में AI इंजीनियर के तौर पर काम करते थे. सुसाइड से पहले उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया और 24 पन्नों का सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी और ससुराल पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है. वीडियो में अतुल ने अपनी पत्नी के साथ हुए विवाद के बारे में बताया है और कहा है कि उन्हें अपनी पत्नी और ससुराल के लोगों ने बहुत परेशान किया है. जिसके बाद अब इस मामले ने तुल पकड़ लिया है. पुलिस लगातार मामले की जांच में लगी हुई है.

लेकिन क्या आपको पता है कि आत्महत्या जैसा गंभीर कदम उठाने वाले केवल अतुल ही नहीं हैं. NCRB ने एक आंकड़े हैरान कर देने वाली रिसर्च की है, जिसमें सामने आया कि महिलाओं से ज्यादा शादीशुदा पुरुष आत्महत्या करते हैं. चलिए जानते हैं क्या कहती हैं रिपोर्ट्स.

क्या कहती हैं रिसर्च रिपोर्ट्स
दरअसल, नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, महिलाओं की तुलना में शादीशुदा पुरुष अधिक आत्महत्या करते हैं. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में सुसाइड करने वाले हर 10 में से 7 पुरुष होते हैं. आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि साल 2021 में 1.64 लाख लोगों ने आत्महत्या की, इनमें से 81,063 लोग विवाहित पुरुष थे, जबकि 28,680 विवाहित महिलाएं थीं. वहीं 2022 में 1.70 लाख से ज्यादा लोगों ने आत्महत्या की थी, जिनमें से 1.22 लाख से ज्यादा पुरुष थे. यानी हर दिन औसतन 336 पुरुष आत्महत्या कर लेते हैं. इस हिसाब से हर साढ़े 4 मिनट में एक पुरुष सुसाइड कर रहा है.  

पुरुषों के साथ होती है हिंसा?
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 (NFHS-5) की माने तो, 18 से 49 साल की उम्र की 10 फीसदी महिलाएं कभी न कभी अपने पति पर हाथ उठाया है, वो भी तब जब उनके पति ने उनपर कोई हिंसा नहीं की. वहीं एक रिसर्च में ये भी पाया गया है कि 98 प्रतिशत भारतीय पति तीन साल के रिलेशनशिप में कम से कम एक बार घरेलू हिंसा का सामना करते हैं. वहीं बता दें कि पिछले साल 1,14,485 शादीशुदा लोगों ने सुसाइड की थी जिनमें करीब 74 फीसदी पुरुष थे. 

सिर्फ भारत की नहीं बल्कि पूरी दुनिया का है मामला
पुरुषों के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामले केवल भारत की समस्या नहीं है. बल्कि दुनिया भर के कई देशों से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं. किंगडम ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स के डेटा (2022-2023) में सामने आया है कि घरेलू हिंसा के 3 पीड़ितों में से एक पुरुष है. इतना ही नहीं अमेरिका में लगभग 44% पुरुष पूरी जिंदगी में एक बार हिंसा का शिकार होते हैं. वहीं मेक्सिको में घरेलू हिंसा के कुल पीड़ितों में करीब 25 फीसदी पुरुष हैं. भूटान की बात करें तो यहां 2023 में रिपोर्ट किए गए 788 मामलों में से 69 में पुरुष पीड़ित शामिल थे. 

क्या है मर्दों के आत्महत्या का कारण
2011 में एक रिसर्च में पाया गया कि समाज में पुरुष अपने डिप्रेशन या सुसाइल फीलिंग को दूसरे से शेयर नहीं कर पाते. इसके साथ ही बेरोजगारी के समय मर्दों के सुसाइड करने का कारण हो सकता है. इनके अलावा पुरुषों में सुसाइड की वजह शराब और ड्रग्स की लत को माना जाता है, नशा सुसाइडल टेंडेंसी को बढ़ाता है. जिन सब से हार कर पुरुषों का आत्महत्या का रास्ता अपनाना पड़ता है. इसके अलावा आर्थिक समस्याएं, वैवाहिक समस्याएं, और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं इसका कारण हो सकती हैं.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement