मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 2 दिन में हुई रिकॉर्ड बारिश, सैटेलाइट तस्वीर में दिखी बादलों की विशाल पट्टी

लगातार बारिश से जलाशयों का जलस्तर बढ़ने और खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है. जिन राज्यों में अब तक बारिश सामान्य से कम थी, वहां भी स्थिति सुधर सकती है.

देश में मानसून का सबसे ताकतवर दौर
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 23 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:37 AM IST
  • सैटेलाइट तस्वीर में भारत समेत एशिया के बड़े हिस्से पर बादल
  • कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट

हिंद महासागर से उठे नमी से भरे बादल भारत होते हुए चीन और जापान तक फैल गए हैं. इसका असर भारत में भी साफ दिखाई दे रहा है. पिछले दो दिनों में देश में मानसून की अब तक की सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. जहां किसानों के लिए यह राहत की खबर है, वहीं कई राज्यों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है.

2 दिन में सीजन की सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले दो दिनों में भारत में सामान्य से करीब 170 से 180 फीसदी अधिक दैनिक मानसूनी बारिश रिकॉर्ड की गई. इसे इस सीजन का सबसे सक्रिय मानसून चरण माना जा रहा है. कई इलाकों में लगातार तेज बारिश ने मानसून की कमी को काफी हद तक पूरा कर दिया है.

क्या है बादलों की यह विशाल पट्टी?
सैटेलाइट तस्वीरों में हिंद महासागर से लेकर भारत, नेपाल, चीन और जापान तक बादलों की लंबी और घनी पट्टी दिखाई दे रही है. इसे 'मॉनसून कन्वर्जेंस जोन' कहा जाता है. यह तब बनती है, जब हिंद महासागर से आने वाली नमी वाली हवाएं एशिया के अलग-अलग मौसम तंत्रों से मिलती हैं. इससे हजारों किलोमीटर लंबा बादलों का कॉरिडोर बन जाता है, जो लगातार बारिश कराता है.

इन राज्यों में सबसे ज्यादा असर
इस सक्रिय मानसून का सबसे ज्यादा असर उत्तर और मध्य भारत में देखने को मिल रहा है. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है. वहीं बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में बंगाल की खाड़ी से आए कम दबाव के क्षेत्र के कारण लगातार तेज बारिश जारी है.

किसानों के लिए राहत, लेकिन खतरा भी बढ़ा
लगातार बारिश से जलाशयों का जलस्तर बढ़ने और खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है. जिन राज्यों में अब तक बारिश सामान्य से कम थी, वहां भी स्थिति सुधर सकती है. हालांकि दूसरी ओर पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अचानक बाढ़, भूस्खलन और नदियों के उफान का खतरा बढ़ गया है. कई निचले इलाकों में जलभराव की आशंका भी जताई गई है.

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून अभी पूरे सप्ताह सक्रिय बना रहेगा. ऐसे में कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है. भारत का मानसून सिर्फ देश तक सीमित नहीं है. यह पूरे एशिया के मौसम तंत्र का हिस्सा है. अरब सागर से लेकर पश्चिमी प्रशांत महासागर तक फैला यह मौसम चक्र कई देशों में बारिश और मौसम के बदलाव को प्रभावित करता है. यही वजह है कि भारत में सक्रिय हुआ मानसून चीन और जापान तक मौसम का असर दिखा रहा है.

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