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अब हिंदी में कर सकेंगे MBBS की पढ़ाई, मध्य प्रदेश होगा ऐसा करने वाला पहला राज्य

मध्य प्रदेश में एमबीबीएस पाठ्यक्रम को हिंदी मीडियम में पढ़ाने की तैयारी चल रही है. राज्य में इसकी शुरूआत शासकीय गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल से की जाएगी.

हिंदी में MBBS (सांकेतिक तस्वीर)
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 09 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 7:49 PM IST
  • मध्य प्रदेश में हिंदी में होगी MBBS की पढ़ाई.
  • ऐसा करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य होगा.   

मध्य प्रदेश में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने और हिंदी मीडियम के स्टूडेंट्स की आसानी के लिए अब MBBS की पढ़ाई हिंदी माध्यम में भी हो सकेगी. मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि ऐसा करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य होगा.   

मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने मंगलवार को बताया कि प्रदेश में एमबीबीएस पाठ्यक्रम को हिंदी मीडियम में पढ़ाने की तैयारी चल रही है. राज्य में इसकी शुरूआत शासकीय गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (Gandhi Medical College), भोपाल से की जाएगी. MBBS कोर्स हिंदी मीडियम में कराने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य होगा. शिक्षा मंत्री सारंग ने बताया कि हिंदी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम निर्धारित करने की कार्ययोजना तैयार करने और इस पर रिपोर्ट देने के लिए मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा संचालक डॉ. जितेन शुक्ला की अध्यक्षता में 14 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है.

गांधी चिकित्सा महाविद्यालय से होगी शुरुआत

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 26 जनवरी के कार्यक्रम में इस बारे में घोषणा की थी. जिसके बाद कोर्स को हिंदी में शुरू करने का फैसला लिया गया है. मेडिकल कॉलेज को इस संबंध में दिशानिर्देश भी जारी कर दिए गए हैं. इस कोर्स को लेकर एक 14 सदस्य कमेटी भी गठित कर दी गई है जोकि कोर्स को हिंदी में तैयार करने की योजना बनाएगी. विश्वास सारंग ने बताया, ‘गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल से इसकी शुरुआत करने का निर्देश दिया गया है. वहां एमबीबीएस पाठ्यक्रम को अंग्रेजी माध्यम के साथ-साथ हिंदी माध्यम में पढ़ाने की शुरुआत अगले शिक्षण सत्र से की जाएगी.’ 

विषय-विशेषज्ञों से की गई चर्चा 

मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के पाठ्यक्रम में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने और एमबीबीएस के फर्स्ट ईयर के सब्जेक्ट्स के लिए हिंदी में सप्लीमेंट्री पुस्तकें तैयार करने के लिये विषय-विशेषज्ञों से कुछ दिन पहले चर्चा भी की गई. उन्होंने कहा कि अटल बिहारी हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार और एम्स भोपाल और गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सकों के साथ आयुक्त चिकित्सा शिक्षा की उपस्थिति में विचार-विमर्श किया.

 

 

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