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अब पंजाब में भी होगी मिलेट्स की खेती, मिड डे मील में बच्चों को मिलेगा पौष्टिक आहार

पंजाब में मिलेट्स की खेती के लिए मिशन नींव की शुरुआत की है. अब मूल पौष्टिक अनाजों (मिलेट्स) से तैयार खाना गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे जूनियर डॉक्टर और स्टूडेंट की डाइट का हिस्सा बनेंगे. सरकारी स्कूलों में मिड डे मील के खाने में भी मिलेट्स को दिया जाएगा.

मिलेट्स
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 19 मई 2022,
  • अपडेटेड 11:42 AM IST
  • मेडिकल कॉलेज और मिड डे मील में मिलेट्स
  • 2023 है इंटरनेशनल मिलेट्स ईयर

दक्षिण भारत के बाद अब पंजाब में भी मूल पौष्टिक अनाजों यानी मिलेट्स (millets) के अनाज को बढ़ावा दिया जा रहा है. फरीदकोट जिले में मिलेट्स (millets) की खेती को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने मिशन नींव की शुरुआत की है. मूल अनाजों को खेत से रसोई तक ले जाने, रोज़मर्रा की ख़ुराक का हिस्सा बनाने और मिलटस के उत्पादन उपरांत इन की मार्किटिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने इस मिशन की शुरूआत की है. 

मेडिकल कॉलेज और मिड डे मील में मिलेट्स
अब मूल पौष्टिक अनाजों (मिलेट्स) से तैयार खाना गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे जूनियर डॉक्टर और स्टूडेंट की डाइट का हिस्सा बनेंगे. सरकारी स्कूलों में मिड डे मील के खाने में भी मिलेट्स को दिया जाएगा. इस काम के लिए कुदरती खेती करने वाले किसानों, सेल्फ हेल्प ग्रुपों, कृषि विभाग समेत अलग-अलग विभागों और स्व सेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जायेगा. मिलेट्स की खेती के अनाजों में जैसे कि ज्वार, बाजरा, रागी, कुट्टकी, बाजरा, ज्वार, सवांक आदि की खेती में रुचि पैदा करने के लिए इस मिशन की शुरुआत की गई है.

2023 है इंटरनेशनल मिलेट्स ईयर
डिप्टी कमिश्नर डा. रूही दुग्ग ने इस मिशन की शुरुआत करते हुए जानकारी दी की, "साल 2023 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेट्स ईयर के तौर पर मनाया जा रहा है." उन्होंने कहा कि वैसे तो दक्षिण भारत में मिलेट्स का चलन ज्यादा है, लेकिन अब पंजाब में इसके बढ़ावा देने पर विचार किया जा रहा है. दरअसल इसकी खेती में पानी की खपत भी बहुत कम होती है. इस मिशन के तहत जहां एक तरफ मिलेट्स की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ मिलेट्स से बनने वाले पकवानों को भी तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. 

क्या है मिलेट्स उगाने के फायदे?
इन मिलेट्स को उगाने की सबसे अच्छी बात ये है कि उसकी खेती में लागत बहुत कम आती है. साथ ही साथ इसमें पानी का खर्चा भी बहुत कम आता है. हालांकि इसको उगाने में मेहनत थोड़ी ज्यादा लगती है, लेकिन इसमें मुनाफा काफी अच्छा होता है. आज कल ज्यादातर लोग अपनी सेहत का खास ख्याल रखते हैं, और मिलेट्स का ज्यादा से ज्यादा सेवन करते हैं. जिससे इनकी बिक्री भी अच्छे से होती है. पंजाब के खेतों से पानी कम होता जा रहा है. हमें इसे बचने के लिए ऐसी खेती करनी चाहिए.


 

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