पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए महिला यूट्यूबर सरिता सिंह पटेल और उनके साथियों को जेल भेज दिया. 4 मई को परिजनों द्वारा सरिता सिंह की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी. बाद में 6 मई को राजगढ़ थाना क्षेत्र में सरिता सिंह सड़क किनारे ग्रामीणों को मिलीं. उनके पैर रस्सियों से बंधे हुए थे, सिर कपड़े से ढका गया था और कपड़ों पर पेट्रोल छिड़का गया था.
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो पूरा घटनाक्रम संदिग्ध लगा. जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिला, जिसमें सरिता सिंह अपने एक साथी की मोटरसाइकिल पर बैठकर जाती दिखाई दीं. रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर भी वह टहलती नजर आईं. इसके बाद पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो पूरे मामले का खुलासा हो गया. पुलिस के अनुसार, यह पूरी साजिश पुलिस को फंसाने के लिए रची गई थी.
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
एसपी ऑपरेशन राजकुमार मीणा ने बताया कि 6 मई 2026 को सरिता सिंह पटेल, पत्नी सुभाष सिंह पटेल, निवासी दीक्षितपुर थाना चुनार ने थाना अदलहाट में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि अज्ञात लोगों ने उनका अपहरण कर चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा. इस आधार पर थाना अदलहाट में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई.
विशेष टीम ने की गहन पड़ताल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसपी ऑपरेशन और क्षेत्राधिकारी चुनार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई. पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक, भौतिक और सर्विलांस साक्ष्यों की गहन जांच की. जांच में सामने आया कि कथित अपहरण की घटना पूरी तरह से सुनियोजित षड्यंत्र थी.
पुलिस को फंसाने और दबाव बनाने की थी योजना
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि सरिता पटेल अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पुलिस को झूठे मुकदमे में फंसाकर दबाव बनाने और धन उगाही की योजना बना रही थीं. पुलिस के अनुसार, सरिता पटेल एक इलेक्ट्रॉनिक यूट्यूबर हैं और कुछ मामलों में कार्रवाई को लेकर चुनार पुलिस से नाराज थीं.
ऐसे रची गई पूरी साजिश
पुलिस के मुताबिक, योजना के तहत सह-अभियुक्त परिचित अमरदीप सरिता पटेल को मोटरसाइकिल से राजगढ़ क्षेत्र तक लेकर गया, जहां पहचान छिपाने के लिए उन्होंने साड़ी पहनी और खुद ही अपने हाथ-पैर बंधवाए. घटना को गंभीर दिखाने के लिए मोटरसाइकिल से पेट्रोल निकालकर उनके शरीर पर छिड़कने की तैयारी भी की गई थी, ताकि पुलिस के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जा सके.
छह आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में महिला यूट्यूबर सरिता सिंह पटेल, सहयोगी अमरदीप, विजय कुमार सिंह, पति सुभाष, बहन अंकिता और सुनीता को गिरफ्तार किया है. सह-अभियुक्त अमरदीप की निशानदेही पर मुख्य अभियुक्ता द्वारा पहचान छिपाने के लिए पहनी गई साड़ी भी बरामद की गई है. विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय भेज दिया गया है.
पुलिस ने क्या कहा?
एसपी ऑपरेशन राजकुमार मीणा ने बताया कि 4 मई को सरिता सिंह की गुमशुदगी दर्ज हुई थी. 6 मई को उन्हें राजगढ़ से बरामद किया गया. पुलिस विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि सरिता सिंह, जो खुद को इलेक्ट्रॉनिक यूट्यूबर पत्रकार बताती हैं, चुनार पुलिस द्वारा कुछ लोगों को जेल भेजे जाने से नाराज थीं. पुलिस को मुकदमे में फंसाकर दबाव बनाने और अवैध धन उगाही की योजना बनाई गई थी. पुलिस के अनुसार, सरिता सिंह ने सह-अभियुक्त अमरदीप की मदद से खुद को चार दिनों तक गायब रखा और साड़ी पहनकर पेट्रोल छिड़कने जैसी साजिश को अंजाम दिया.
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