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IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर क्यों भावुक हो गए इस गांव के लोग? खास है वजह

IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद मिर्जापुर का एक गांव की चर्चा होने लगी है. लहरियादह गांव के लोग इस्तीफे की बात सुनकर भावुक हो गए. उन्होंने दिव्या को भगवान बताया. उनका कहना है कि उनकी वजह से ही गांव में पानी पहुंचा है.

IAS Divya Mittal
सुरेश कुमार सिंह
  • मिर्जापुर,
  • 01 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:35 PM IST

उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर का लहरियादह गांव एक बार फिर चर्चा में है. इस बार इस गांव की चर्चा IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद हो रही है. प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद सोशल मीडिया में लिखे पोस्ट पर भी उन्होंने लहरियादह का जिक्र किया है. मिर्ज़ापुर DM रहते दिव्या मित्तल ने हर घर नल योजना के तहत गांव में पानी पहुंचाया था. अब उस गांव के लोग दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद भावुक हो गए.

800 की आबादी वाला गांव है लहरियादह-
उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर लालगंज तहसील के ड्रमंडगंज में विंध्य की पहाड़ी पर मध्य प्रदेश की सीमा पर लहरियादह नाम का एक कस्बा है, जहां की आबादी लगभग 800 के करीब है. पहाड़ी इलाका होने के कारण आजादी के बाद से ही इस गांव में पीने के पानी की समस्या थी. स्थानीय लोग पास में मौजूद पहाड़ी जल सोते पर निर्भर थे. वहां से पानी सूखता तो मध्य प्रदेश के हनुमान से पानी लाते थे.

IAS मित्तल ने गांव में पहुंचाया था पानी-
प्रशासन द्वारा गांव में पानी के लिए टैंकर की व्यवस्था की गयी थी. गांव के लोगों को पानी के कार्ड पर टैंकर से प्रति व्यक्ति मात्र 15 लीटर पानी मिलता है. गर्मियों के दिनों में तो यहां पानी की समस्या ज्यादा विकराल हो जाती थी. उस दौरान जब IAS दिव्या मित्तल मिर्जापुर की जिलाधिकारी बनकर आईं तो उन्होंने सरकार की योजना हर घर नल योजना के तहत विशेष प्रयास से गांव में पहली बार 31 अगस्त 2023 पानी पहुंचाया.

दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर भावुक हुए गांववाले-
आज गांव में हर घर के पास पानी की टोटी लगी है. जिसकी वजह से पानी की आजादी हो गयी. पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के इस प्रयास को याद कर गांव के लोग भावुक हो जाते है. दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद गांव के लोग उन्हें याद कर भगवान बता रहे है. गांव के लोगों का कहना है कि उनकी वजह से गांव में आजादी के बाद पानी पहुंचा है. एक ग्रामीण रामकली कहती हैं कि बहुत तकलीफ होती थी. हमारे पूर्वज मर गए, पानी की तकलीफ देख कर. हम लोग पहाड़ी पर पानी के लिए सोते थे. नंबर पर पानी मिलता है. वह भगवान की जैसे हो कर आयी थी. लल्लन का कहना है कि एक बार दिव्या मित्तल की वजह से पानी मिला. हम लोग उनका एहसान नही भूल पाएंगे.

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