Delhi Monsoon: दिल्ली में मॉनसून क्यों लेट हो रहा है? जुलाई तक क्यों करना पड़ सकता है इंतजार, दिल्ली में गर्मी और उमस कब तक रहेगी?

मौसम विभाग का अनुमान है कि सोमवार को हल्की बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है. इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी और यह 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. हालांकि इसके बाद फिर से तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.

A fresh Western Disturbance is set to sweep into northwest India even as the southwest monsoon remains stalled short of central India, leaving the country under two contrasting weather patterns. (Photo: PTI)
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 22 जून 2026,
  • अपडेटेड 9:55 AM IST
  • दिल्ली में मॉनसून कब पहुंचेगा?
  • दिल्ली में गर्मी और उमस कब तक रहेगी?

दिल्ली-एनसीआर के लोगों को हर साल जून के आखिर तक मॉनसून का इंतजार रहता है. आमतौर पर 27 जून के आसपास मॉनसून दिल्ली पहुंच जाता है, लेकिन इस बार तस्वीर अलग नजर आ रही है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है और इसके कारण दिल्ली में इसकी एंट्री जुलाई के पहले हफ्ते तक खिसक सकती है. ऐसे में सवाल उठता है कि मॉनसून आखिर रुका क्यों हुआ है? क्या दिल्ली में जो बारिश हो रही है, वह मॉनसून की बारिश नहीं है? और इसका असर लोगों पर कितना पड़ेगा?

मॉनसून अभी कहां तक पहुंचा है?
दक्षिण भारत में मॉनसून काफी पहले पहुंच चुका है और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों तक भी इसका असर दिख रहा है. लेकिन इसकी प्रगति सामान्य से धीमी है. यही वजह है कि मुंबई जैसे शहर, जहां मॉनसून आमतौर पर 8 जून तक पहुंच जाता है, वहां भी देरी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक मॉनसून अभी मध्य भारत के कई हिस्सों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाया है. जब तक यह मध्य भारत को कवर नहीं करेगा, तब तक दिल्ली समेत उत्तर भारत में इसकी एंट्री मुश्किल है.

मॉनसून की रफ्तार धीमी क्यों पड़ गई?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस साल मॉनसून को आगे बढ़ाने वाला जरूरी मौसम तंत्र कमजोर पड़ा है. आमतौर पर बंगाल की खाड़ी में कम दबाव (लो प्रेशर) का क्षेत्र बनता है. यह सिस्टम मॉनसूनी हवाओं को उत्तर और पश्चिम दिशा की ओर खींचता है. दूसरी तरफ अरब सागर से आने वाली नमी वाली हवाएं मॉनसून को आगे बढ़ाती हैं. इस साल यह पुल और पुश यानी खींचने और धकेलने वाली प्रक्रिया लगभग नहीं के बराबर है. इसलिए मॉनसून को आगे बढ़ने के लिए जरूरी ताकत नहीं मिल रही और इसकी गति धीमी हो गई है.

दिल्ली में मॉनसून कब पहुंचेगा?
सामान्य तौर पर दिल्ली में मॉनसून 27 जून के आसपास पहुंचता है. पिछले साल भी थोड़ी देरी हुई थी और मॉनसून 29 जून को पहुंचा था. लेकिन इस बार देरी ज्यादा हो सकती है. मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि जून के आखिर तक ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्र मॉनसून की चपेट में आएंगे. इसके बाद मॉनसून को उत्तर भारत तक पहुंचने में करीब 10 से 15 दिन का समय लग सकता है. इसी वजह से दिल्ली में मॉनसून के 6 जुलाई से 10 जुलाई के बीच पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.

जो बारिश अभी हो रही है, क्या वह मॉनसून की बारिश है?
कई लोगों के मन में यह सवाल है कि पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में हुई बूंदाबांदी और गरज-चमक के साथ बारिश क्या मॉनसून का हिस्सा है? इसका जवाब है- नहीं. मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली में हाल के दिनों में जो बारिश हुई है या अगले कुछ दिनों में हो सकती है, वह पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की वजह से है. पश्चिमी विक्षोभ पश्चिम एशिया और भूमध्यसागर क्षेत्र से आने वाली मौसम प्रणालियां होती हैं, जो उत्तर भारत में बारिश और आंधी का कारण बनती हैं. इनका मॉनसून से सीधा संबंध नहीं होता.

देशभर में बारिश की क्या स्थिति है?
मॉनसून की धीमी प्रगति का असर पूरे देश में दिखाई दे रहा है. 1 जून से 19 जून के बीच देश में औसतन 51.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में 86.7 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी. यानी देश में करीब 41% बारिश की कमी दर्ज की गई है. हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है. यहां बारिश में केवल 4% की कमी दर्ज की गई है.

दिल्ली में बारिश कितनी कम हुई?
दिल्ली में इस साल जून के महीने में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है. 1 जून से 20 जून 2026 के बीच दिल्ली में केवल 22.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है. तुलना करें तो पिछले साल इसी अवधि में 88.01 मिलीमीटर बारिश हुई थी. दिल्ली में जून महीने की सामान्य बारिश 74.1 मिलीमीटर मानी जाती है. यानी इस बार अब तक सामान्य से 20 से 30 प्रतिशत कम बारिश हुई है.

क्या इस बार मॉनसून कमजोर रहेगा?
मॉनसून की शुरुआत कमजोर रह सकती है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे सीजन में कम बारिश होगी. भारत में जून से सितंबर तक होने वाली कुल मॉनसूनी बारिश में जून का योगदान केवल 19 से 20 प्रतिशत होता है. यानी अगर जून में बारिश कम हुई है, तो जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश इसकी भरपाई कर सकती है. इसलिए अभी पूरे मॉनसून सीजन को कमजोर मानना जल्दबाजी होगी.

दिल्ली में गर्मी और उमस कब तक रहेगी?
मॉनसून में देरी का सबसे बड़ा असर गर्मी और उमस के रूप में महसूस किया जा रहा है. शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से ज्यादा था. वहीं हवा में नमी बढ़ने से लोगों को और ज्यादा गर्मी महसूस हुई. फील्स लाइक तापमान दोपहर में 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया. यानी शरीर को वास्तविक तापमान से ज्यादा गर्मी महसूस हुई. मौसम विभाग का अनुमान है कि सोमवार को हल्की बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है. इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी और यह 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. हालांकि इसके बाद फिर से तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.

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