देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय है. मौसम विभाग (IMD) ने 20 अगस्त को मध्य और उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. सबसे ज्यादा असर छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में देखने को मिल सकता है. इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश की संभावना है.
अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा लो प्रेशर
इस बारिश की मुख्य वजह उत्तर झारखंड और उससे लगे दक्षिण-पश्चिम बिहार व दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया है. IMD के मुताबिक, 19 अगस्त को सुबह 11:30 बजे डिप्रेशन कमजोर होकर वेल मार्क्ड लो प्रेशर में बदल गया. मौसम विभाग का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले 24 घंटे में दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा. इसके चलते मध्य भारत और उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहेगा.
लो प्रेशर कब तक एक्टिव रहेगा?
लो प्रेशर सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ इसका असर धीरे-धीरे अलग-अलग राज्यों में दिखाई देगा. 20 अगस्त को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश में 25 अगस्त तक बारिश का दौर बने रहने का अनुमान है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 से 23 अगस्त के बीच कई स्थानों पर बारिश हो सकती है. यानी सिस्टम कमजोर होने के बाद भी इसके साथ जुड़ी नमी और मानसूनी गतिविधियां अगले कुछ दिनों तक बारिश कराती रहेंगी.
अगले हफ्ते तक कैसा रहेगा मौसम?
अगले कुछ दिनों में मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है. पूर्वी मध्य प्रदेश में 25 अगस्त तक बारिश का असर रह सकता है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 23 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश जारी रहने का अनुमान है. कोंकण और गोवा में भी 25 अगस्त तक व्यापक बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का खतरा बना रहेगा. ऐसे में अगले हफ्ते की शुरुआत तक देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है.
UP-MP और छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश का अनुमान
20 अगस्त को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश की संभावना है. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर भूस्खलन, जलभराव और अचानक नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी स्थिति बन सकती है.
पूर्वोत्तर में भी बारिश का दौर
पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है. यानी 20 अगस्त को बारिश का असर सिर्फ मध्य भारत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्तर, पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों तक इसका प्रभाव दिखाई देगा.
दिल्ली-NCR में बारिश होगी, लेकिन हर जगह नहीं
दिल्ली-NCR में 20 अगस्त को बारिश का पैटर्न दूसरे राज्यों की तुलना में कम व्यापक रहने की संभावना है. IMD ने हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है. यानी पूरे क्षेत्र में लगातार बारिश के बजाय अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है.
हालांकि, दिल्ली और हरियाणा में पिछले दिनों अच्छी बारिश हो चुकी है. 18 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 19 अगस्त सुबह 8:30 बजे के बीच कालका में 16 सेमी और पंचकूला में 10 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी.
मानसून की एक्टिविटी अभी बनी रहेगी
कुल मिलाकर 20 अगस्त से बारिश का फोकस मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में रहेगा. लो प्रेशर सिस्टम आगे बढ़ने के साथ इसकी तीव्रता में बदलाव आ सकता है, लेकिन इसके पीछे बनी मानसूनी परिस्थितियों के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है. खासकर मध्य प्रदेश में 25 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां बनी रहने का अनुमान है.
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