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Mother’s Day Special: घर के कामकाज के साथ देश सेवा में जुटी हैं कई मां, पश्चिमी सरहद पर कर रहीं ड्यूटी 

शाहगढ़ के सीमावर्ती इलाके में स्थित इस महिला बीओपी लक्ष्मण पर सिर्फ महिला जवान ही तैनात हैं, यहां एक भी पुरूष जवान नहीं है. इस क्षेत्र से लगते सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी इन BSF की महिला जवानों के पास ही है.

Mother's Day (Photo: Vimal Bhatia)
gnttv.com
  • जैसलमेर ,
  • 12 मई 2024,
  • अपडेटेड 10:47 AM IST
  • पश्चिमी सरहद पर देश की सुरक्षा में जुटी कई मां
  • घर के कामकाज के साथ कर रही देश सेवा 

वैसे तो हर मां खास होती है… अपने बच्चों के लिए कुछ भी कर गुजरने का साहस रखती है. दूसरी जिम्मेदारियों को भी उतनी ही लगन से निभाती हैं. ऐसे में अगर ड्यूटी देश की हिफाजत की हो तो परीक्षा और भी कठिन हो जाती है. जी हां, देश की सरहद पर केवल पुरुष ही नहीं ये महिलाएं भी ड्यूटी कर रही हैं. ये माएं देश की हिफाजत के साथ अपने बच्चों का भी बेहतर ढंग से ख्याल रख रही हैं. लंबे समय तक लगातार ड्यूटी और सीमित छुट्टियों के बीच परिवार के साथ एक मां की जिम्मेदारी निभाना इन महिलाओं के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है.

महिला जवानों ने संभाला है मोर्चा 

थार रेगिस्तान के जैसलमेर से लगती भारत-पाकिस्तान की सीमा पर इन दिनों तापमानी पारा 48 डिग्री है. इस सीमा क्षेत्र में कुछ ऐसे इलाके हैं जहां की सुरक्षा का जिम्मा BSF की महिला जवानों ने संभाला हुआ है. इसमें कई ऐसी महिला जवान है जिनके छोटे-छोटे बच्चे हैं, परिवार है, जिन्हें वे हेडक्वार्टर पर रखकर देश की सीमाओं की हिफाजत कर रही हैं. 35वीं बटालियन की इस लक्ष्मण नामक BOP व 108 बटालियन की नलका नामक BOP पर महिलाओं ने देश हिफाजत का जिम्मा संभाला है.

माथे पर नहीं है एक भी शिकन 

बुलंद हौसलों के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ऑपरेशन क्रिया-कलापों व सुरक्षा व्यवस्थाओं में मुस्तैद इन महिला जवानों की ड्यूटी को जांचने के लिए BSF राजस्थान फ्रंटियर के महानिरीक्षक मकरन्द देउष्कर अपने 3 दिवसीय जैसलमेर के दौरे पर हैं. उन्होंने महिला जवानों से पूरे क्षेत्र के बारे ऑपरेशनल व सुरक्षा से जुड़ी जानकारी भी ली.  

सीमा पर 48 डिग्री के तापमान के बीच सुरक्षा की ड्यूटी कर इन महिला जवानों की इस विषम परिस्थितियों में ड्यूटी करते हुए देखकर महानिरीक्षक प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके. देश की सीमाओं की हिफाजत कर रहीं इन माओं के चेहरे पर कोई शिकन नहीं है. 

यहां हैं केवल महिला जवान 

शाहगढ़ के सीमावर्ती इलाके में स्थित इस महिला बीओपी लक्ष्मण पर सिर्फ महिला जवान ही तैनात हैं, यहां एक भी पुरूष जवान नहीं है. इस क्षेत्र से लगते सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी इन BSF की महिला जवानों के पास ही है. अपने विजिट के दौरान महानिरीक्षक राजस्थान फ्रंटियर ने बीओपी लक्ष्मण का राउंड लिया तथा ऑपरेशनल तैयारी और बॉर्डर डोमिनेशन के संदर्भ में महिला प्रहरियों से बातचीत किया. महिला प्रहरियों ने अलग अलग मोर्चो से चुनौतीपूर्ण हालात में की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी दी.

इस दौरान आईजी बीएसएफ राजस्थान ने बीओपी पर मौजूद महिला जवानों से बात की तथा उनका मनोबल बढ़ाते हुए उनके साहस और बॉर्डर और देश की रक्षा में उनके योगदान की तारीफ की.

महिला जवानों की सुरक्षा में तैनाती 

बॉर्डर पर महिलाओं जवानों द्वारा सुरक्षा में तैनाती को लेकर आई जी ने कहा मुझे खुशी इस बात की है कि बॉर्डर पर महिला जवान ड्यूटी के प्रति सजक हैं. भीषण गर्मी धूल भरी आंधी में भी बीओपी पर खड़े होकर ड्यूटी कर रही हैं. ऐसी गर्मी में आम आदमी बाहर नहीं निकल सकता है, मगर ये महिला जवान 50 डिग्री तापमान में भी बॉर्डर पर खड़ी होकर अपनी ड्यूटी कर रही हैं. वास्तव में मैं खुद हैरान था महिला जवानों में से एक ने भी ऐसा नहीं कहा कि वे ड्यूटी नहीं कर सकती हैं. 

(विमल भाटिया की रिपोर्ट)

 

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