बिहार के मुजफ्फरपुर की शाही लीची अपनी स्वाद, सुगंध और मिठास के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध है. यह शाही लीची एक बार फिर देश के सर्वोच्च संवैधानिक और राजनीतिक पदों तक पहुंचने जा रही है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य माननीयों के लिए शनिवार को मुजफ्फरपुर से शाही लीची की विशेष खेप दिल्ली के लिए रवाना की गई.
करीब 2 हजार कार्टन लीची को विशेष पैकेजिंग के साथ रेफ्रिजरेटेड वैन में भेजा गया है, ताकि दिल्ली पहुंचने तक उसकी ताजगी, मिठास और गुणवत्ता बरकरार रहे. विशेष पैकेजिंग में लीची एक महीने तक ताजी रह सकती है. प्रत्येक कार्टन में लगभग दो किलो लीची पैक की गई है.
बेहद सावधानी से किया जाता है लीची का चयन
राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री आवास के लिए भेजी जाने वाली लीची का चयन बेहद सावधानी से किया जाता है. इसके लिए उन बागानों को चुना जाता है, जिनकी पूरे वर्ष वैज्ञानिक तरीके से देखभाल की जाती है. लीची अनुसंधान केंद्र के विशेषज्ञ खेत की जुताई, उर्वरक प्रबंधन, दवा छिड़काव और फलों की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखते हैं. शुगर अनुपात और गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरने के बाद ही फलों की तुड़ाई की जाती है.
10 वर्षों से भेजी जा रही शाही लीची
बागान मालिक एवं लीची उत्पादक आलोक केडिया ने बताया कि मुसहरी, सरैया, मंगरा और ढोली स्थित उनके बागानों से पिछले 10 वर्षों से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के लिए शाही लीची भेजी जा रही है. इस बार भी चुनिंदा और बेहतरीन गुणवत्ता वाली लीची की पैकिंग कर दिल्ली रवाना किया गया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि 1 जून तक यह खेप दिल्ली पहुंच जाएगी. पैकिंग कार्य से जुड़े अरुण कुमार ने बताया कि इस विशेष कार्य में 50 से अधिक कारीगर लगे हुए हैं. लीची के कार्टन को उपहार की तरह आकर्षक ढंग से तैयार किया गया है और उस पर सहप्रेम भेंट अंकित किया गया है.
...ताकि लीची की ताजगी और स्वाद रहे बरकरार
अपनी अनोखी मिठास, सुगंध और गुणवत्ता के लिए मशहूर मुजफ्फरपुर की शाही लीची को पहले ही जीआई टैग मिल चुका है और देश-विदेश में इसकी विशेष मांग रहती है. एक बार फिर यह खास फल देश के शीर्ष नेताओं की मेज तक पहुंचने जा रहा है. शाही लीची को सीधे बागानों से चुनने के बाद उसकी गुणवत्ता और आकार के आधार पर चयन किया जाता है. इसके बाद लीची की सफाई, धुलाई और विशेष तापमान पर प्री-कूलिंग की प्रक्रिया पूरी की जाती है. फिर अत्याधुनिक कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखने के बाद विशेष पैकेजिंग की जाती है ताकि लीची की ताजगी और स्वाद बरकरार रहे.
(मुजफ्फरपुर से मणि भूषण शर्मा की रिपोर्ट)