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National Technology Day: आज LIGO-India की नींव रखेंगे पीएम मोदी, जानिए क्या है यह और क्यों है खास

मोदी सरकार द्वारा महत्वाकांक्षी LIGO परियोजना को अंतिम मंजूरी दिए जाने के एक महीने बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में सुविधा के निर्माण के लिए आधारशिला रखेंगे. इसके अलावा, 1998 के परमाणु परीक्षणों की 25वीं वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए, प्रधान मंत्री परमाणु ऊर्जा विभाग की कई परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे.

PM Modi
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 11 मई 2023,
  • अपडेटेड 12:25 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 मई को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2023 (National Technology Day)कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे. यह राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के 25वें वर्ष के उत्सव की शुरुआत होगी. इस खास मौके पर प्रधानमंत्री 5800 करोड़ रुपये से अधिक की वैज्ञानिक और तकनीकी उन्नति से संबंधित कई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे.

क्या कुछ है शामिल?
इन परियोजनाओं में लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल वेव ऑब्जर्वेटरी-इंडिया (LIGO-India),हिंगोली; होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, जटनी, ओडिशा; और टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, मुंबई का प्लेटिनम जुबली ब्लॉक होगा.जिन परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा उनमें फिशन मोलिब्डेनम-99 प्रोडक्शन फैसिलिटी, मुंबई; रेयर अर्थ पर्मानेंट मेग्नेट प्लांट, विशाखापत्तनम; नेशनल हैड्रॉन बीम थेरेपी फैसिलिटी, नवी मुंबई; रेडियोलॉजिकल रिसर्च यूनिट, नवी मुंबई; होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र, विशाखापत्तनम सहित महिला एवं बाल कैंसर अस्पताल भवन, नवी मुंबई शामिल हैं. ये परियोजनाएं देश में वैज्ञानिक संस्थानों को मजबूत करने के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं.

नेशनल टेक्नोलॉजी डे 2023 के उत्सव में अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) पर विशेष ध्यान दिया गया है. एआईएम पवेलियन कई नवीन परियोजनाओं का प्रदर्शन करेगा, और आने वाले दर्शकों को लाइव टिंकरिंग सत्र देखने, टिंकरिंग गतिविधियों में संलग्न होने, स्टार्टअप्स द्वारा इनोवेशन्स और उत्पादों को देखने का अवसर मिलेगा.

क्या है LIGO?
LIGO, लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल वेव ऑब्जर्वेटरी का संक्षिप्त रूप है, जो गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पता लगाने के लिए काम करता है. यह भारत में सबसे बड़ी वैज्ञानिक सुविधा बनने के लिए तैयार है. संयुक्त राज्य अमेरिका में दो मौजूदा LIGO वेधशालाओं ने 2015 में पहली बार गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पता लगाया, एक उपलब्धि जिसे दो साल बाद नोबेल पुरस्कार से स्वीकार किया गया था. तब से इसी तरह के दो और डिटेक्टर लगे हैं, एक इटली में और दूसरा जापान में. LIGO India इस नेटवर्क का पांचवां नोड होगा, और शायद अंतिम.

LIGO सुविधा, जिसमें अन्य संरचनाओं के साथ-साथ एल-आकार में दो 4-किमी लंबे निर्वात कक्षों का निर्माण शामिल है, हिंगोली जिले में लगभग 600 एकड़ भूमि पर बनाए जाएंगे. ये मुंबई से लगभग 450 किमी पूर्व में होगा. यह सुविधा 2030 तक चालू होने के लिए तैयार है.

कैसे हुई थी शुरुआत?
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस की शुरुआत 1999 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा भारतीय वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और प्रौद्योगिकीविदों को सम्मानित करने के लिए की गई थी. यह उन लोगों को समर्पित है जिन्होंने भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी उन्नति के लिए काम किया और मई 1998 में पोखरण परीक्षणों का सफल संचालन सुनिश्चित किया. तब से, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है. हर साल 11 मई को एक नई और अलग थीम के साथ मनाया जाता है. इस वर्ष की थीम है 'स्कूल टू स्टार्टअप्स- इग्नाइटिंग यंग माइंड्स टू इनोवेट' है.

 

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