Advertisement

28 साल की नाजिश को मिला ईद का तोहफा, बिना एक पैसा खर्च किए आयुष्मान भारत योजना के जरिए हुआ किडनी ट्रांसप्लांट

आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत गरीब परिवार की बिटिया नाजिश को बिना एक भी पैसा खर्च किए यशोदा हॉस्पिटल में एक्सपर्ट्स डॉक्टर्स ने ये सफल ट्रांसप्लांट किया है जो नाजिश और उसके परिवार के लिए यह किसी तोहफे से कम नहीं है.

kidney transplant/सांकेतिक तस्वीर
gnttv.com
  • गाजियाबाद,
  • 29 जून 2023,
  • अपडेटेड 6:44 PM IST
  • 29 साल की नाजिश का हुआ किडनी ट्रांसप्लांट 
  • गरीबों के लिए वरदान है आयुष्मान भारत योजना 

मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही है. गाजियाबाद में कौशांबी स्थित यशोदा अस्पताल में एक 28 साल की गरीब युवती की किडनी का सफल ट्रांसप्लांट किया गया है. यूपी में आयुष्मान भारत योजना से पहला किडनी ट्रांसप्लांट इस निजी अस्पताल में हुआ और मेरठ की नाजिश को ईद पर खुशियों के रूप में नए और स्वस्थ जीवन का अनमोल उपहार मिला है.

29 साल की नाजिश का हुआ किडनी ट्रांसप्लांट 
बिना भेदभाव हर तबके तक केंद्र और राज्य की योजनाएं पहुंचाने में योगी सरकार ने पहल कर यह मिसाल पेश की है. आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत गरीब परिवार की बिटिया नाजिश को बिना एक भी पैसा खर्च किए यशोदा हॉस्पिटल में एक्सपर्ट्स डॉक्टर्स ने ये सफल ट्रांसप्लांट किया है जो नाजिश और उसके परिवार के लिए यह किसी तोहफे से कम नहीं है.

दरअसल मेरठ के सरधना तहसील के दौराला ब्लॉक स्थित वालिदपुर गांव में सलीम अहमद और सबीला की 28 साल की बेटी नाजिश की दोनों किडनी खराब हो गई थीं और इससे युवती की जान पर बन आई थी. इलाज के लिए भटकते नाजिश के परिवार ने कई डॉक्टरों को दिखाया तो उन्होंने किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी.

गरीब परिवार से है नाजिश
नाजिश बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है और उसके पिता सलीम किसी तरह मेहनत मजदूरी करके परिवार का गुजर बसर करते हैं. ऐसे में किडनी ट्रांसप्लांट का खर्च सुनकर पूरा परिवार सन्न रह गया, लेकिन मोदी सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से बिना कोई पैसा खर्च किए युवती का इलाज संभव हो गया. किडनी ट्रांसप्लांट के बाद ईद के मौके पर नाजिश अपने परिवार के पास पहुंच गई है.

आयुष्मान कार्ड धारकों को सरकार की तरफ से मिलती है राशि
नाजिश बीती 20 तारीख को यशोदा कौशांबी हॉस्पिटल में एडमिट हुई थीं और उनकी मां सबील ने उन्हें अपनी किडनी डोनेट की. किडनी के सफल ट्रांसप्लांट के बाद दोनों मां और बेटी पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें 27 तारीख को अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया है.

इस पूरे मामले में यशोदा के चेयरमैन पी एन अरोड़ा ने बताया कि योगी सरकार से आयुष्मान भारत की उत्तर प्रदेश की सीईओ ने उनके अस्पताल से संपर्क साधा था और बड़ी बीमारियों के इलाज में आयुष्मान कार्डधारकों के उपचार की बात कही थी, जिसके बाद मेरठ की नाजिश का सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट उनके हॉस्पिटल में किया गया, इसके लिए मात्र  ₹350000 अस्पताल की तरफ से चार्ज किए गए जोकि आयुष्मान कार्ड धारकों को सरकार की तरफ से मिलने वाली राशि है.

गरीबों के लिए वरदान है आयुष्मान भारत योजना 
यशोदा अस्पताल के चेयरमैन पीएम अरोड़ा ने इसके लिए देश के प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लागू की गई आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को श्रेय दिया और बताया कि ये योजना गरीबों के लिए बेहद लाभदायक साबित हो रही है. इस योजना से गरीब भी बड़ी बीमारियों का इलाज करा पा रहे हैं.

(मयंक गौड़ की रिपोर्ट)

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement